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योर मनीः शादी से पहले क्या करें फाइनेंशियल प्लानिंग!

प्रकाशित Sat, 10, 2016 पर 17:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सिर्फ अपने पेसों की प्लानिंग भर से बात नही बनती, आपको फाइनेंशियल लिटिरसी के बारे ना सिर्फ खुद जानना है बल्कि आपसे जुडे हर उस शक्स को ये समझाना है, जो अप ने सपनों की जिंदगी जीना चाहता है। विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर एक बार फिर योर मनी आपको वित्तीय साक्षरता के महत्तव से रूबरू करवाएगा। साथ ही जानेगें कि युवाओं को लिए फाइनेंशियल प्लानिंग  खास टिप्स क्या है। आज हमारे साथ हैं एटिका वैल्थ मेनेजमेंट के निखिल कोठारी।


निखिल कोठारी का कहना है कि सबसे पहले अपने लक्ष्य तय करें। रिटायरमेंट के लिए पहले निवेश करें। पर्याप्त हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस लें। म्युचुअल फंड में एसआईपी निवेश का बेहतर विकल्प है। साथ ही लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए इक्विटी फंड में निवेश करना फायदेमंद होता है। छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए डेट फंड में निवेश करना चाहिए। निखिल कोठारी के मुताबिक अलग-अलग जगह से निवेश से ज्यादा फायदा, जोखिम कम होता है। टैक्स छूट को ध्यान पर रखकर निवेश करें। समय-समय पर निवेश की समीक्षा भी करते रहनी चाहिए। 


निखिल कोठारी के अनुसार पति-पत्नी मिलकर अपना फाइनेंशियल प्लान बनाएं। एक-दूसरे के लक्ष्यों पर चर्चा जरुर करें। और आर्थिक लक्ष्यों के लिए प्लानिंग करें। शादी से पहले कर्ज और देनदारियों की जानकारी साझा करें। क्रेडिट कार्ड बकाया, लोन की जानकारी साझा करना जरूरी होती है। घर खर्च का बजट बनाएं। किस खर्च का भुगतान कौन करेगा इसे तय करें। साथ ही बच्चे होने के बाद खर्च काफी बढ़ जाता है। जिसके लिए भी बच्चे कब पैदा करना है इसकी प्लानिंग करें।


निखिल कोठारी के मुताबिक शादी के बाद सभी अहम दस्तावेजों में नाम बदलवाएं जरुरी होता है। दस्तावेजों में नाम बदलवाने के मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी है। घर के लिए होम लोन लेने पर चर्चा करें। और ज्वाइंट होम लोन में पति-पत्नी दोनों को टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। पति-पत्नी मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल खाते में दोनों अपना पैसा जमा करा सकते हैं। 6-8 महीने के खर्च बराबर इमरजेंसी फंड बनाएं। जिसमें इमरजेंसी फंड का पैसा लिक्विड फंड या एफडी में रखें


सवालः 3 साल के लिए 1.5 लाख रुपये का निवेश करना है, कहां निवेश करना चाहिए।


निखिल कोठारीः आर्थिक लक्ष्य तय करना जरूरी होता है। 3 साल की समय सीमा है तो फिक्स डिपॉजिट या बैलेंस म्युचुअल फंड में निवेश करें। महिंद्रा फाइनेंस, बजाज फाइनेंस से 3 साल की एफडी करें। बजार में गिरावट के समय बैलेंस फंड की प्रदर्शन बेहतर होता है।