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आवाज़ अड्डा: नोटबंदी सर्वे पर बवाल, घोटाले भूल गई कांग्रेस

प्रकाशित Fri, 25, 2016 पर 11:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश में हर जगह आज कल सबसे बड़ा मुद्दा है नोटबंदी। दिक्कत कितनी हो रही है और कितना फायदा होगा, इसका असर क्या पड़ेगा - इन सारे सवालों पर हर गली नुक्कड, घर में आज कल चर्चा हो रही है। बहस हर जगह होती है, संसद को छोड़ कर। क्या संसद में बहस करना जरूरी नहीं है, जिन कारणों से बहस रुकी हुई है क्या वो जायज है।


शोर बहुत है लेकिन बहस गायब है। नोटबंदी के बारे में हर जगह बात हो रही है लेकिन अब तक संसद में इस पर बहस नहीं हो पाई है। विपक्ष का कहना है कि जब तक प्रधानमंत्री पूरी बहस में बैठेंगे नहीं और बोलेंगे नहीं तब तक चर्चा नहीं हो सकती। सरकार इसे बहानेबाजी बता रही है।


संसद में प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार है, लेकिन इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विपक्ष की आवाज बने। अब तक के सबसे तीखे प्रहार में मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को संगठित लूट बता दिया। दरअसल विपक्ष इस बात से नाराज है कि पीएम मोदी नोटबंदी पर जनता से सीधे बात कर रहे हैं, लेकिन संसद में अब तक नहीं बोले। शायद इसलिए प्रधानमंत्री के नोटबंदी पर कराए गए सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं।


संसद में हंगामा आम बात हो गयी है और कुछ सांसद तो हदें पार कर जाते हैं। लेकिन देश के सबसे बड़े मुद्दे पर बहस नहीं हो पा रही है। सवाल है कि बहस नहीं होने देने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। क्या प्रधानमंत्री, जो संसद में बोल नहीं रहे हैं या विपक्ष जो रोज नई शर्तें रख रहा है।