Moneycontrol » समाचार » स्टॉक व्यू खबरें

रिटेल सेक्टर में हलचल, क्या खरीदें और क्या नहीं

प्रकाशित Fri, 03, 2017 पर 13:09  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अक्सर हम वीकेंड में शॉपिंग करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। अलग-अलग स्टोर्स, नए ब्रांड्स और लेटेस्ट फैशन में हम सबको दिलचस्पी है। इन दिनों शेयर बाजार में भी फैशन, एपैरल, लग्जरी सेगमेंट यानि रिटेल सेक्टर का फीवर मार्केट पर भी छाया हुआ है। एवेन्यू सुपरमार्ट्स के आईपीओ की खबर से रिटेल सेक्टर में जमकर तेजी देखने को मिली है, तो चलिए आज हम हमारी खास पेशकश में रिटेल सेक्टर पर फोकस करते हैं और आप सब को बताते हैं कि रिटेल शेयरों की शॉपिंग से आपको नफा होगा या नुकसान।


सबसे पहले बात करते हैं डी-मार्ट ब्रांड नाम से सुपरमार्केट चलाने वाली कंपनी एवेन्यु सुपरमार्ट्स की। एवेन्यु सुपरमार्ट्स का फूड, एफएमसीजी और अपैरल रिटेल में कारोबार फैला हुआ है। डी-मार्ट के 45 शहरों में कुल 118 स्टोर हैं। एवेन्यु सुपरमार्ट्स की आय में फूड सेगमेंट का 52.8 फीसदी, नॉन-फूड सेगमेंट का 19.57 फीसदी और अपैरल सेगमेंट का 27.63 फीसदी का योगदान है। वित्त वर्ष 2016 में एवेन्यु सुपरमार्ट्स की आय 8606 करोड़ रुपये रही थी, जबकि मुनाफा 321 करोड़ रुपये रहा था।


एवेन्यु सुपरमार्ट्स का आईपीओ 8 मार्च को खुलेगा और 10 मार्च को बंद होगा। एवेन्यु सुपरमार्ट्स की आईपीओ से 1866 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। एवेन्यु सुपरमार्ट्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 295-299 रुपये रखा गया है और इसका लॉट साइज 50 शेयरों का है। एवेन्यु सुपरमार्ट्स, आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज और एनसीडी के भुगतान के लिए करेगी। साथ ही नए स्टोर्स खोलने पर भी रकम का इस्तेमाल करेगी। जाने-माने निवेशक राधाकिशन दमानी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के प्रोमोटर हैं।


वहीं अब फ्यूचर रिटेल पर भी एक नजर डालते हैं। फ्यूचर रिटेल का फूड और अपैरल सेगमेंट में कारोबार फैला हुआ है। फ्यूचर रिटेल के 240 शहरों में स्टोर्स मौजूद हैं। फ्यूचर रिटेल के स्टोर्स में बिग बाजार, एफबीबी, फूड बाजार, हाइपर सिटी, सुपरमार्केट और होम सॉल्यूशंस जैसे नाम शामिल हैं। वित्त वर्ष 2017 में फ्यूचर रिटेल की बिक्री 4420 करोड़ रुपये रही है, जबकि मुनाफा 101 करोड़ रुपये रहा है।


वहीं फ्यूचर लाइफस्टाइल का अपैरल सेगमेंट में कारोबार है। फ्यूचर लाइफस्टाइल के सेंट्रल फैक्ट्री, ब्रांड फैक्ट्री और प्लानेट स्पोर्ट्स नाम से स्टोर हैं। फ्यूचर लाइफस्टाइल के देशभर में कुल 400 स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2016 में फ्यूचर लाइफस्टाइल की बिक्री 3300 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 29.5 करोड़ रुपये रहा था।


रिटेल सेक्टर में एक और नामी कंपनी है वी-मार्ट रिटेल। वी-मार्ट रिटेल, वैल्यू रिटेल नाम से चेन चलाती है। वी-मार्ट रिटेल की छोटे शहरों में पकड़ ज्यादा है। वी-मार्ट रिटेल के 116 शहरों में 136 स्टोर मौजूद हैं। वी-मार्ट रिटेल किराना, अपैरल और नॉन-अपैरल प्रोडक्ट बेचती है। वित्त वर्ष 2016 में वी-मार्ट रिटेल की बिक्री 809 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 28 करोड़ रुपये रहा था।


रिटेल कंपनियों में शॉपर्स स्टॉप भी एक जाना माना नाम है। शॉपर्स स्टॉप खासकर लग्जरी सेगमेंट की जानी-मानी कंपनी है। शॉपर्स स्टॉप अपैरल, होम, ब्यूटी, बुक्स और म्यूजिक सेगमेंट में मौजूद है। शॉपर्स स्टॉप के देशभर में कुल 249 स्टोर हैं। शॉपर्स स्टॉप के स्टोर्स में हाइपरसिटी, क्रॉसवर्ड, होमस्टॉप, मदरकेयर और मैक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वित्त वर्ष 2016 में शॉपर्स स्टॉप की बिक्री 4582 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा सिर्फ 2 करोड़ रुपये रहा था।


सीईएससी की सब्सिडियरी स्पेंसर्स के नाम से रिटेल सेक्टर में मौजूदगी है। स्पेंसर्स के देशभर में 120 स्टोर्स हैं और 37 हाइपर स्टोर हैं। स्पेंसर्स का फूड, पर्सनल केयर, फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स में कारोबार फैला हुआ है। स्पेंसर्स के बेड़े में स्पेंसर्स स्मार्ट च्वॉइस, टेस्टी वंडर्स, क्लीन होम और मारुन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वित्त वर्ष 2016 में सीईएससी की बिक्री 11899 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 366 करोड़ रुपये रहा था।


ट्रेंट भी रिटेल सेक्टर में एक बड़ा नाम है। ट्रेंट के वेस्टसाइड, लैंडमार्क ब्रांड नाम से रिटेल स्टोर्स हैं। वेस्टसाइड, फैशन रिटेल की मशहूर कंपनी है। वेस्टसाइड के 50 शहर में 85 स्टोर हैं। वहीं ट्रेंट के स्टार बाजार स्टोर में फूड, हेल्थ, ब्यूटी प्रोडक्ट उपलब्ध होते हैं। लैंडमार्क, बुक्स और म्यूजिक चेन चलाती है। वित्त वर्ष 2016 में ट्रेंट की बिक्री 2397 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 63 करोड़ रुपये रहा था।


रेमंड भी ब्रांडेड अपैरल, टेक्सटाइल और गारमेंट बिजनेस में मौजूद है। रेमंड के पार्क ऐवन्यू और कलर प्लस ब्रांड के नाम से स्टोर हैं। रेमंड के देशभर में 700 स्टोर हैं। रेमंड की मिडिल ईस्ट, सउदी अरब, श्रीलंका और बांग्लादेश में भी मौजूदगी है। वित्त वर्ष 2016 में रेमंड की बिक्री 5621 करोड़ रुपये रही, जबकि मुनाफा 92 करोड़ रुपये रहा था।


आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, लाइफस्टाइल सेगमेंट की नंबर 1 कंपनी है। आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के 7000 आउटलेट्स पर प्रोडक्ट्स की बिक्री होती है। आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के 2000 स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2016 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल की बिक्री 6060 करोड़ रुपये रही, जबकि कंपनी को 104 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।


अब बाजार के दिग्गज जानकारों से ये जानते हैं कि रिटेल सेक्टर में जो हलचल दिख रही है, क्या वो पैसे भी कमाकर दे सकती है। ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के संदीप जैन का कहना है कि 3-6 महीने की अवधि के लिए शॉपर्स स्टॉप में पैसे लगा सकते हैं। आगे शॉपर्स स्टॉप में 380 रुपये का स्तर मुमकिन है। साथ ही फ्यूचर लाइफस्टाइल पर भी दांव लगाया जा सकता है। 3-6 महीने की अवधि में फ्यूचर लाइफस्टाइल में 220 रुपये का स्तर दिख सकता है। इसके अलावा आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल में कमाई की गुंजाइश दिख रही है। 3-6 महीने की अवधि में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल 190 रुपये तक जा सकता है।


वहीं रेलिगेयर सिक्योरिटीज के आशु मदान ने वी-मार्ट रिटेल पर भरोसा जताया है। आशु मदान का कहना है कि वी-मार्ट रिटेल में खरीदारी की जा सकती है और आने वाले दिनों में इस शेयर में 830 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। वी-मार्ट रिटेल में 640 रुपये का स्टॉपलॉस जरूर लगाएं।


आशु मदान ने ट्रेंट को होल्ड करने की सलाह दी है। आशु मदान का कहना है कि ट्रेंट में 280 रुपये तक का स्तर मुमकिन लग रहा है। ट्रेंट में 234 रुपये का स्टॉपलॉस जरूर लगाएं। आशु मदान के मुताबिक रेमंड को भी होल्ड करने की सलाह है और इसमें 680 रुपये तक स्तर संभव है। रेमंड में 540 रुपये का स्टॉपलॉस जरूर लगाएं। हालांकि आशु मदान ने ऊपरी स्तरों पर सीईएससी में मुनाफावसूली की सलाह दी है।