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आगे और बेहतर होंगे हालातः मवाना शुगर्स

प्रकाशित Fri, 10, 2017 पर 14:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज नो योर कंपनी में हमारे रडार पर है मवाना शुगर्स। जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 80 फीसदी तक उछला है। दिसंबर तिमाही में कंपनी के चीनी कारोबार की आय 55 फीसदी बढ़कर 249.7 करोड़ रुपये रही है। दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल आय 50 फीसदी बढ़कर 265 करोड़ रुपये रही है। दिसंबर तिमाही में कंपनी को 9 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले 363 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। मवाना शुगर्स को तितावी चीनी मिल बेचने से फायदा हुआ है।


सीएनबीसी-आवाज़ से खास बातचीत में मवाना शुगर्स के चेयरमैन, सिद्धार्थ श्रीराम ने कहा कि भारत में पैकेज कमोडिटी के तौर पर चीनी की ज्यादा ग्रोथ नहीं हुई है। हालांकि पैकेजिंग को लेकर नए-नए कानून आ रहे हैं उससे ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है। इस साल मवाना शुगर्स की ओर से 2.5 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान है। इस 2.5 लाख टन में से 15,000 टन चीनी रिटेल में बिक्री के लिए जाएगी। वहीं इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को 50,000-60,000 टन चीनी बेची जाती है।


सिद्धार्थ श्रीराम के मुताबिक मवाना शुगर्स के खाने के तेल की बिक्री में कमी देखने को मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार की चीनी और गन्ने की कीमतों को लिंकेज करने की नीति पर काम हो रहा है और यदि नीति अमल में आ जाती है तो चीनी कंपनियों को काफी फायदा होगा। इसके साथ ही आगे 3-4 सालों तक गन्ने की कीमतों में ज्यादा इजाफा नहीं किया गया, तो इससे भी चीनी कंपनियों को फायदा ही होगा।


सिद्धार्थ श्रीराम का कहना है कि सरकारी नीतियों के चलते मवाना शुगर्स को नुकसान उठाना पड़ा है। मवाना शुगर्स ने साल 2015-16 के सीजन के लिए गन्ना किसानों का पूरा भुगतान कर दिया है। वहीं साल 2016-17 के सीजन में कंपनी ने गन्ना किसानों को अब तक 40 फीसदी तक भुगतान कर दिया है। सितंबर तक साल 2016-17 सीजन का गन्ना किसानों के बकाये का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। साथ ही कंपनी की बैंकों के साथ कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर भी चर्चा चल रही है। इस तरह से कंपनी की बैलेंसशीट बेहतर होने की उम्मीद है।


सिद्धार्थ श्रीराम ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे के चलते चीनी के उत्पादन में कमी देखने को मिली है। हालांकि, अब ये राज्य सूखे के हालात से उबर चुके हैं और आगे उत्पादन घटने की उम्मीद नहीं है। चीनी की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।