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लंबा वीकेंडः क्या हो स्ट्रैटजी, कहां करें खरीदारी

प्रकाशित Fri, 10, 2017 पर 16:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अब बाजार को इंतजार है 11 मार्च का जब 5 राज्यों में चुनावों के नतीजे आएंगे। यही वजह रही कि एग्जिट पोल में बीजेपी को शानदार बढ़त मिलने के बावजूद आज बाजार खुश नहीं हुआ। आज की चाल से पूरी तरह साफ हो गया कि चुनावी नतीजों के चलते ही बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। आज घरेलू बाजारों ने शुरुआत तो बड़े ही दमदार तरीके से की, लेकिन तेजी का ये माहौल ज्यादा समय तक टिक नहीं सका।


आज के कारोबार में निफ्टी ने 8975.7 तक दस्तक दी थी, तो सेंसेक्स 29076.63 तक पहुंचने में कामयाब हुआ। लेकिन, अंत में निफ्टी 8930 के आसपास बंद हुआ है और सेंसेक्स 29000 के ऊपर बंद होने में कामयाब नहीं हो सका है। इस तरह आज दिन के ऊपरी स्तरों से निफ्टी ने 40 अंकों की बढ़त गंवाई है, तो सेंसेक्स की 130 अंकों की तेजी हवा हो गई।


एमडी एंड सीईओ विजय चोपड़ा का कहना है कि चुनाव को लेकर भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पडेगा हालांकि अगर किसी कारण नतीजे बाजार के अनुमान के विपरीत आते है तो हल्का सा करेक्शन जरुर देखने को मिल सकता हैं। जिस तरह से एफआईआई के बिकवाली के बाद बाजार को म्युचुअल फंड से सहारा मिले था उसे देखते हुए रिजल्ट किसी के पक्ष में आता है तब भी बाजार में तेजी देखने को मिलेगी। बाजार में थोड़ी गिरावट आती है तब खरीदारी करने की सलाह होगी।


डीसीबी बैंक में तेजी की उम्मीद है अगर किसी कारण इसमें मौजूदा स्तर से थोड़ी गिरावट देखने को मिलती है तो 180 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदारी की जा सकती हैं।


सुंदरम म्युचुअल फंड सीईओ सुनील सुब्रमणियम का कहना है कि यूपी चुनाव के नतीजे को लेकर राजनैतिक असर जरुर पड़ सकता है लेकिन अर्थव्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि  मौजूदा समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती बरकरार हैं जिसके कारण सेक्टर पर थोड़ा असर देखने को जरुर मिले जबकि चुनाव के नतीजे बाजार की उम्मीद पर आते है तो रुलर एग्रीकल्चर सेक्टर, रिफॉर्म सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर ध्यान हो सकता है। अगर किसी कारण नतीजे बाजार के अनुमान के विपरीत आते है तो पार्लियामेंट रिफॉर्म में देरी हो सकती है और तब बीजेपी सरकार की कोशिश होगी कि वह जमीनी योजना को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेंगी। लिहाजा बाजार में किसी भी चाल पर खरीदारी की जा सकती हैं। 


बाजार के किसी तरह के नतीजे के बाद भी कंज्मशन थीम में तेजी रहने की पूरी उम्मीद हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि पिछले साल सितंबर महीने में बाजार में काफी तेजी देखने को मिली थी तब सरकार के रुलर सेक्टर में बढ़त, पे कमिशन और अच्छे मानसून की बेहतर उम्मीद ने बाजार में तेजी का माहौल बनाया था लेकिन नोटबंदी के कारण इन तीनों ही फेक्टर से आम जनता के हाथ लिक्विडीटी मिली वह खर्च ही नहीं हो पाई। नोटबंदी के बाद अब आम लोगों के पास बेहतर स्थिरता की उम्मीद जगी है जिसके चलते अब कंज्मशन थीम में फेस्टिवल सीजन में तेजी की पूरी उम्मीद हैं।


मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के हेड टेक्निकल एनालिस्ट मानव चोपड़ा का कहना है कि ओएनजीसी अपने सपोर्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इसमें ज्यादा जोखिम के साथ ज्यादा रिटर्न बनने की संभावनाएं है. लिहाजा इसमें 186 रुपये के स्टॉपलॉस के साथ 199 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदारी की जा सकती हैं।