विपक्ष की रणनीति रही नाकाम, 2019 में क्या होगी तस्वीर! -
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विपक्ष की रणनीति रही नाकाम, 2019 में क्या होगी तस्वीर!

प्रकाशित Sat, 11, 2017 पर 20:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

उन्होंने कहा था कि नोटबंदी की सजा मिलेगी। सजा तो दूर, नोटबंदी को पूरा समर्थन मिला। उन्होंने कहा की जनता को युवा नेताओं का साथ पसंद है। जनता ने युवा नेताओं को अपने भविष्य के बारे में सोचने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा ध्रुवीकरण की राजनीति की गई है। जनता ने एक आवाज में भरोसा जताया।


2017 के सेमीफाइनल को कई मायनों में याद किया जाएगा। इससे साबित हुआ है कि आज देशभर में प्रधानमंत्री मोदी के कद का कोई नेता नहीं है। साबित हुआ है कि वोटर पार्टी, उम्मीदवार, जाति, धर्म को नहीं देख रहा है और बस मोदी को वोट दे रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड और मणिपुर तक भी बीजेपी ने अपना परचम लहराया है। अब सवाल बनता है कि ऐसा क्या जादू दिखा इन चुनावों में कि उत्तर प्रदेश ने बीजेपी को बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के तगड़ा बहुमत दे दिया। क्या भारतीय राजनीति का नया चैप्टर शुरू हो गया है। और क्या 2019 में प्रधानमंत्री मोदी के फिर से चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।


5 राज्यों के चुनावों में एक बार फिर मोदी-शाह ने अपना जादू दिखा दिया है। दोनों की जुगलबंदी ने बीजेपी को यूपी और उत्तराखंड में ऐतिहासिक जीत दिला दी है। अगर यूपी की बात करें तो किसी भी पार्टी की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत ने मोदी सरकार की नीतियों पर मुहर तो लगाई है। साथ ही गैर बीजेपी दलों की रणनीति पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।


5 राज्यों के चुनाव को 2019 के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था। तो क्या 2019 में भी देश की यही तस्वीर होगी? क्या विपक्ष को मोदी पर निशाना साधने की स्ट्रैटेजी से आगे बढ़ना होगा? क्या मोदी से मुकाबले के लिए गैर बीजेपी दल एक साथ आ पाएंगे और अगर हां तो वो चेहरा कौन सा होगा। 2017 के चुनावों के नतीजों की क्या है बड़ी पिक्चर, चुनावी दंगल में इसी मुद्दे पर की बड़ी चर्चा।


इस बीच, आज नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेती उमर अब्दुल्ला का बयान आया कि फिलहाल मोदी का मुकाबला करने वाला कोई राष्ट्रीय नेता नहीं है, सभी को 2019 को भूलकर 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए। कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने कहा कि चुनाव नतीजों ने साबित किया है कि पीएम मोदी देश के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी के फैसले पर जनता पीएम मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़ी रही।


करारी हार के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने पूरे चुनाव पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने ईवीएम में छेड़छाड़ की है। मायावती ने चुनाव रद्द करने और बैलट पेपर से दोबारा चुनाव कराने की भी मांग की है।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हार तो मान ली है, लेकिन उन्होंने बीजेपी पर व्यंग करते हुए कहा कि कभी-कभी बहकावे से भी वोट मिल जाते हैं। अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार की नोटबंदी योजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये देखना होगा कि नोटबंदी से गरीबों को कितना फायदा होगा। ईवीएम में गड़बड़ी के मामले पर अखिलेश ने मायावती के सुर में सुर मिलाया है। उन्होंने कहा कि मायावती ने मांग की है तो ईवीएम की जांच कराई जानी चाहिए।