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सरकार डीजीएफटी को खत्म करने की तैयारी में!

प्रकाशित Wed, 15, 2017 पर 14:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एफआईपीबी के बाद अब सरकार डीजीएफटी को खत्म करने की तैयारी में है। डीजीएफटी यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड एक्सपोर्ट इंपोर्ट पर नजर रखने वाली सरकारी एजेंसी है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक डीजीएफटी को सरकार खत्म कर सकती है। डीजीएफटी को खत्म करने के बाद दो विकल्पों पर अमल हो सकता है और डीजीएफटी की जगह नई संस्था बनाई जा सकती है। इस नई संस्था का फोकस ट्रेड को बढ़ावा देने पर हो सकता है। दूसरा विकल्प डीजीएफटी को सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम के साथ मिलाने का है।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने डीजीएफटी के कामकाज पर एक रिपोर्ट तैयार कराई थी, रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। सरकार 2020 तक पूरी दुनिया के कारोबार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है जिसको मौजूदा 2 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी करने का लक्ष्य है। बता दें कि 1991 से पहले डीजीएफटी की जगह चीफ कंट्रोलर ऑफ इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट था। फिलहाल डीजीएफटी के पूरे देश में 36 क्षेत्रीय कार्यालय हैं।


साथ ही आज सरकार नेशनल हेल्थ पॉलिसी को भी मंजूरी दे सकती है। आज शाम कैबिनेट और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की बैठक होने वाली है। इसी बैठक में इस पॉलिसी को मंजूरी मिलने की संभावना है। नेशनल हेल्थ पॉलिसी के तहत हर किसी को इजाल की सुविधा दी जाएगी। नई पॉलिसी के प्रावधानों के मुताबिक किसी भी मरीज को इलाज करने से किसी भी सूरत में इनकार नहीं किया जा सकेगा और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और जांच की सुविधा होगी।


इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2 फीसदी बढ़ाया जा सकता है जो जनवरी से लागू हो सकता है। टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा भी 10 लाख से बढ़कर 20 लाख हो सकती है। कैबिनेट की इस अहम बैठक में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने और हंडिया-बनारस हाइवे को 6 लेन बनाने का फैसला भी लिया जा सकता है।