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योर मनी से सीखें हेल्थ इंश्योरेंस की बारीकियां

प्रकाशित Thu, 16, 2017 पर 17:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी फोकस कर रहा है आपके इंश्योरेंस पर। इंश्योरेंस हम क्यों लेते है और क्यों इंश्योरेंस में निवेश करना सही बात नहीं है। कैसे ले सकते है हेल्छ इंश्योरेंस प्लान। इन तमाम सवालों और इंश्योरेंस के बारिकियों पर योर मनी देगा जवाब और इंश्योरेंस के मुद्दे पर बात करने के लिए हमारे साथ है   एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के एमडी एंड सीईओ गजेंद्र कोठारी।


गजेंद्र कोठारी का कहना है कि बजट और जीवनशैली के हिसाब से हेल्थ इंश्योरेंस चुनना बेहद जरुरी हैं। अमुमन देखा गया है कि लोगों को अधिकतर निजी हेल्थ इंश्योरेंस और फैमिली फ्लोटर में कौन सा बेहतर है इसे लेकर काफी परेशानियां रहती है। लेकिन मेरा मानना है कि फैमिली फ्लोटर कवर सस्ता होता है। प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों पर कैपिंग नहीं होती है उसके चलते इंश्योरेंस सोच-समझकर पॉलिसी खरीदें। इंश्योरेंस पॉलिसी के डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें।


गजेंद्र कोठारी के मुताबिक महंगाई के हिसाब से मेडिकल कवर चुनें और उसके लिए अपने मेडिकल कवर ध्यान से चुनें। भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर कवर लेना फायदेमंद है। गजेंद्र कोठारी के अनुसार इंश्योरेंस की बारीकियों पर ध्यान देना काफी अहम है क्योंकि को-पेमेंट प्लान और सब लिमिट पर होते है जिनपर ध्यान देना जरुरी है। को-पेमेंट का भुगतान खुद करना होता है और बाकी के क्लेम का भुगतान कंपनी करती है। कुछ बीमारियों पर सब लिमिट लागू होती है। कंपनी सब लिमिट में मेडिकल खर्च तय कर देती है। कंपनी और थर्ड पार्टी क्लेम पर ध्यान देंना जरुरी है क्योंकि थर्ड पार्टी क्लेम वाले विकल्प में पेमेंट में देर होने के ज्यादा है। 


सवालः परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना है, परिवार में 4 सदस्य हैं, कौन सा हेल्थ प्लान खरीदना बेहतर होगा?


गजेंद्र कोठारीः महंगाई को ध्यान में रखते हुए जरूरी हेल्थ कवर लें। खुद और परिवार के लिए 5 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर कवर खरीदने की सलाह होगी। जिसके लिए मैक्स बूपा हेल्थ कंपैनियन, अपोलो म्युनिक ऑप्टिमा रीस्टोर और आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड आई-हेल्थ प्लान खरीद सकते हैं। बताए हुए प्लान में रीफिल बेनिफिट है और इसमें बढ़ती उम्र के साथ प्लान का प्रीमियम बदलता है।


सवालः एलआईसी के इंश्योरेंस प्लान को जारी रखना चाहिए या एलआईसी के पैसों के म्युचुअल फंड या पीपीएफ में निवेश करना होगा?


गजेंद्र कोठारीः  एलआईसी पॉलिसी का कवर पर्याप्त नहीं है। इससे निकल कर या पॉलिसी को पेड-अप कर लें। एलआईसी पॉलिसी से मिले पैसों को म्युचुअल फंड में निवेश करें जिसके लिए एचडीएफसी बैलेंस फंड और बिड़ला सनलाइफ बैलेंस 95 फंड में निवेश कर सकते हैं।