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जहां ज्यादा सुविधा, वहीं खुलेंगे एम्स और आईआईटी

प्रकाशित Thu, 16, 2017 पर 21:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अब आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे गवर्नमेंट प्रोजेक्ट्स, नेताओं के दबाव या प्रभाव में नहीं, बल्कि खास पैरामीटर पर खरा उतरने वाली जगह पर बनेंगे। केंद्र सरकार इसके लिए चैलेंज मेथड शुरु करने जा रही है। सीएनबीसी-आवाज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।


अब वो दिन लदने वाले हैं जब राजनीतिक प्रभाव या लोकप्रियता के आधार बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी प्रोजेक्ट के लिए जगह चुनी जाती थी। केंद्र सरकार जल्द ही सभी गवर्नमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए चैलेंज मेथड अपनाने जा रही है। इसके तहत केंद्र सरकार के आईआईटी, आईआईएम और एआईआईएमएस, फूड पार्क और अन्य कारखानों को लगाने के प्रस्ताव को पहले कुछ तय मानकों की कसौटी पर परखेगी।


उदाहरण के तौर पर देश भर में अब जितने भी नए एआईआईएमएस खुलने जा रहे हैं उनके लिए जगह का चुनाव दस मानकों पर किया जाएगा।


जमीन मिलने में लगने वाले समय के हिसाब से 15 नंबर, कनेक्टिविटी के लिए 15 नंबर, बिजली- पानी के लिए 05 नंबर, इसी तरह स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य की स्थिति, हेल्थ केयर फैसिलिटी, रोजगार के अवसर, क्लीयरेंस में आसानी और ड्यूटी छूट के आधार पर कुल सौ नंबर की मार्किंग की जाएगी।


जिस जगह को सबसे ज्यादा नंबर मिलेंगे, वहीं पर एआईआईएमएस खुलेगा। फिलहाल तमिलनाडु, गुजरात और बिहार समेत जहां-जहां पर नए एआईआईएमएस आएंगे, यही नियम लागू होंगे।


इसी तरह जिन-जिन जगहों पर आईआईटी, आईआईएम, फूड पार्क्स और सरकारी कारखाने लगाए जाएंगे, वहां भी चैलेंज मेथड अपनाया जाएगा। हर प्रोजेक्ट के लिए पैरामीटर अलग अलग होंगे। राज्य सरकारों को पैरमीटर की सूची पहले ही दे दी जाएगी। ताकि वो अपने विकल्प केंद्र के पास भेज सकें।