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आवाज आंत्रप्रेन्योरः कस्टमर डेटा के आधार पर ब्रांड्स की स्टैटेजी!

प्रकाशित Sat, 18, 2017 पर 14:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

किसी मॉल या सुपर मार्केट में आप क्या उठाते है और आखिर में क्या खरीदते है, इसका निणर्य आप शायद आपने जरूरत और बजट को ध्यान में रखकर लेते हैं। लेकिन अगर में आपको बताउं की इस सिपंल शॉपिंग डिशिजन में कुछ गणित और खास कर डेटा एनिलिटिक्स का बडा हाथ है, तो क्या आपको यकीन होगा? यकीन कर लीजिए चुंकी आपकी शापिंग को ऑप्टोमाइज करने के लिए आजकल बडे से बडे ब्रांड इसी तंत्र का इस्तमाल कर रहें है। मुंबई की कार्टिसयन एक एसी कंपनी हैं, जो इस काम को अंजाम दे रही हैं।


इस मॉल में मौजूद ब्रांड की भीड में क्या बिकेगा, और क्या नहीं ये कौन तय करता है, आप सोचते होंगे की इन सभी ब्रांड का नसीब ग्राहको पर ही  निर्भर हैं, लेकिन अस्लीयत कुछ और हैं। जहां एक आम ग्राहक को एक मॉल सिर्फ प्रोडक्ट और क्सटमर सर्विस दिखाई देती है, वहीं एक ब्रांड को इसी  मॉल में दिखते है हजारों आंकडे यानि आपके हर खरीदने का निर्णय में आजकल ब्रांड्स को सिर्फ और सिर्फ डेटा नजर आता हैं। और इसी डेटा को इक्ठ्ठा कर इसका इस्तमाल सबसे असरदार तरीके से कैसे किया जाए ये एनालिटीक के जरिए तय होता हैं। भारतीय रिटेल कंपनियों और ब्रांडस के लिए डेटा एनिलिटिक्स का काम मुंबई की कार्टिसियन पिछले 3 सालों से कर रहीं हैं। संदीप मित्तल और शिखा लठ की ये कंपनी कंस्ट्रमर के बर्ताव और ट्रेंड को एनेलाईज करती है और ब्रांड के लिए स्ट्रैटेजी तैयार करती हैं।


कार्टिसयन के फाउंडर संदीप मित्तल अपने कॉलेज के दिनों से खुद का कारोबार शुरू करने के इच्छुक थे। इ्न्होंने अपने करियर की शुरूआत एक स्टार्टअप डायरेम के साथ की और इसी कंपनी के जरिए एनेलिटिक्स का एक्सपोजर भी मिला। मित्तल 2009 में डायरेम के एनिलिटिक्स डिविजन के प्रमुख भी बने और 2013 में जब मौका मिला तो इसी  डिविजन  के शेयर प्रोमोटर से खरीदे और कार्टिसीयान को अलग पहचान दी। लेकिन डेटा एनेलिटिक्स कीच, दुनिया में बढती लोकप्रीयता के बीच कार्टिसीयन ने अपना फोकस भारतीय क्लाईंट पर ही रखा।


कंपनी की इंडिया फर्सट स्ट्रैटजी बाजार में पकड जमाने में काफी मददगार साबित हुई हैं। आज कार्टिसीयन रिटेल एफएमसीजी, ईकॉमर्स, फाइनेंयिंएल सर्विस जैसे अलग अलग सेक्टर्स में काम कर रही हैं। कंपनी का मूल मंत्र यहीं है जहां कस्टमर डेटा उपल्बध हैं वहां इनके ऐनलिटिक प्रोडक्ट का इस्तमाल किया जा सकता हैं। लेकिन इतने सारे क्षेत्रों में नाम कमाने के लिए कंपनी ने दिन रात एक किए हैं। एसे कारोबार में पहले क्लाईंट को हासिल करने में पसीने छूट जाते है औऱ कंपनी को प्रोजेक्ट बेसीस पर काम की शुरूआत करनी पडी।


डेटा ऐनलिटिक्स के कारोबार में सारे सोल्यूशंन एक समान नहीं होते, यानी कंपनी को हर क्लाईंट की जरूरत देख,अपनी सर्वीस को कस्टमाईज करना पडता हैं। लेकिन संदीप मानते है इस चुनौती के बावजूद इनके दिए हुए सोल्यूशन का असर ग्राहकों के कारोबार में जल्द नजर आता हैं।


कार्टिसीयन में शुरूआती निवेश तकरीबन दो करोड का लगा, इसके बाद फाउंडर्स ने बूटस्ट्रैप कर कारोबार को बढाया और हमेशा से फोकस वैल्यूएशन और फंडिंग से ज्यादा बेहतर कस्टमर सर्वीस पर रखा हैं। कार्टिसीयन आज 100 फीसदी ग्राहक नवीनीकरण पर काम कर रही है और इसका फायदा कारोबार को बढाने में मिला हैं।


भारत में अपनी पकड मजबूत करने के बाद अब कार्टिसीयन ने विदेश में भी कारोबार को फैलाया है, एशाई बाजारों के साथ साथ कंपनी धीरे धीर अमेरिकी बाजार में भी कदम रख रही हैं। और आगे मिडल ईस्ट और यरोप में कारोबार ले जाने का इरादा रखती हैं।