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टैक्स गुरुः क्या बदला है रिटर्न के नए फॉर्म में

प्रकाशित Wed, 12, 2017 पर 13:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बदल गए है इनकम टैक्स के रिटर्न फॉर्म और नए फॉर्म से जुड़ी हर जानकारी हम आपके लिए लेकर आए है ताकि आपसे कोई चुक ना हो जब आप अपना टैक्स भरें और साथ ही टैक्स प्लानिंग से जुड़े दर्शकों के सवालों के जवाब भी देंगे और इसमें हमारी मदद करेंगे क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।  


क्या बदला है रिटर्न के नए फॉर्म में
अब 9 रिटर्न फॉर्म की जगह 7 फॉर्म आए है। आईटीआर-1 को भरना आसान बनाया गया है। आईटीआर-2, आईटीआर-2ए, आईटीआर-3 को मिलाकर आईटीआर-2 बनाया गया है। आईटीआर-4 का नाम आब आईटीआर-3 हो गया है।


कौन भर सकता है आईटीआर 1
जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम हो, जो सिर्फ एक घर के मालिक हो वहीं आईटीआर 1 भर सकते हैं। आईटीआर 1 एचयूएफ नहीं तो सिर्फ इंडिविजुअल भर सकते हैं।


आईटीआर 1 भरते समय किन बातों का रखें ध्यान
आईटीआर 1 भरते समय एक्जेंप्ट एलटीसीजी और डिविडेंड इनकम की जानकारी देनी होगी। सभी रिटर्न फॉर्म में नोटबंदी के दौरान कैश डिपॉजिट की जानकारी मांगी गई है। 2 लाख रुपये से ज्यादा कैश जमा किया हो तो उसकी जानकारी भी देनी होगी। बैंक अकाउंट के साथ उनमें जमा कैश के डिटेल्स भी देने होंगे।


शेड्यूल एएल में बदलाव
शेड्यूल एएल में एसेट और लायबिलिटीज की जानकारी देनी होती है। अब पहले से ज्यादा जानकारी मांगी गई है। आईटीआर-1 को छोड़कर हर रिटर्न फॉर्म में शेड्यूल एएल है। शेड्यूल एएल 50 लाख से ज्यादा आय वालों को भरना होगा। शेड्यूल एएल में प्रॉपर्टी का पता बताना भी जरुरी हुआ है। साथ ही बैंक अकाउंट, शेयर, इंश्योरेंस फॉलिसी, नगदी की जानकारी देनी होगी। अगर आप पार्टनरशिप फर्म से जुड़े हो तो उसकी पूरी जानकारी देनी होगी।       

ई-रिटर्न है अनिवार्य
80 साल से ज्यादा की उम्र वालों के लिए पेपर रिटर्न भरने का विकल्प है। 5 लाख तक की आय वाले लोग भी पेपर रिटर्न भर सकते हैं।  


आधार हुआ जरुरी
इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आधार नंबर बताना जरुरी होगा। जिन्हें आधार नहीं मिला उन्हें आधार एनरॉलमेंट नंबर देना होगा।