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नीलेश शाह का जिम रॉजर्स को खुला खत

प्रकाशित Mon, 17, 2017 पर 17:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी एंड सीईओ नीलेश शाह ने कमोडिटी गुरु जिम रॉजर्स को एक बार फिर चिट्ठी लिखी है। दरअसल 2015 में जिम रॉजर्स ने बहुत से कारण गिनाते हुए भारतीय बाजार से अपना निवेश निकाल लिया था और तब भी नीलेश शाह ने उन्हें खुला खत लिखा था। लेकिन उसके बाद हालात बदले और अपने हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में जिम रॉजर्स ने अपने उस फैसले पर खेद जताया। अब शाह ने उन्हे फिर चिट्ठी लिखी है क्या लिखा है।


हाल ही में जिम रॉजर्स ने अपने इंटरव्यू में कहा कि उनकी गलती थी कि साल 2015 में उन्होंने भारतीय बाजार से अपना निवेश निकाला था जबकि ऐसा करना गलत था। जिम रॉजर्स ने कहा कि इंडियन मार्केट ऑल टाइम हाई पर है इस लिहाज से बाजार में निवेश करना थोड़ा खतरनाक हो सकता है। लेकिन उनके इस विचार  नीलेश शाह ने कहा कि भले ही भारतीय बाजार ऑल टाइम हाई पर हो लेकिन बाजार के वैल्यूएशन अभी भी आर्कषक स्तर पर है औऱ अब भी बढ़त की गुजांइश है। 


जिम रॉजर्स का कहना है कि भारत में एफडीआई को बढ़ाने के लिए सरकार ने कोई खास कदम नहीं उठाया है लेकिन इसपर शाह ने वित्त वर्ष 2017 के आकंडों दे उन्हें साफ कहा कि दुनिया का सबसे ज्यादा एफडीआई भारत में आया है। रॉजर्स के अनुसार मुमेंटम में दुनियाभर के बाजार तेजी में काम कर रहे है उसमें हिदुस्तान भी चल रहा है तो मुझे चलती ट्रेन में नहीं चढ़ना है। रॉजर्स के इस विचार पर नीलेश शाह ने कहा कि डरें नहीं, सफर का आनंद लीजिए।  


इतना ही नहीं जिम रॉजर्स ने कहा था कि भारत पर भारी कर्ज है। लेकिन इसपर शाह का कहना है कि पहली रुपया मजबूत होने से भारत के कर्ज की कॉस्ट कम होती दिखाई दे रही है औऱ बैंलसशीट दमदार हो रहे है। जिम रॉजर्स ने कहा था कि मोदी सरकार ने 2 साल में कुछ नहीं किया जिसपर नीलेश शाह ने इसपर सरकार के कामकाज की लंबी लिस्ट दी है।