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बिटकॉइन को कानूनी दर्जा देने की तैयारी में सरकार

प्रकाशित Tue, 18, 2017 पर 16:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बिटकॉइन को सरकार कानूनी दर्जा देने की तैयारी में है। सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार इसे कानून के दायरे में लाकर टैक्स लगाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक रिजर्व बैंक वर्चुअल करेंसी में निवेश, लेनदेन पर डिटेल गाइडलाइन तैयार कर सकता है और इसको रिजर्व बैंक एक्ट 1934 के दायरे में लाया जा सकता है।


सूत्रों का कहना है कि वर्चुअल करेंसी में निवेश से होने वाली आमदनी पर इनकम टैक्स लग सकता है। वर्चुअल करेंसी के जरिये विदेशों में पैसे के ट्रांसफर पर फ़ॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के नियम लागू हो सकते हैं। और अब वर्चुअल करेंसी के ट्रांसफर पर कैपिटल गेंस टैक्स लगाने पर भी विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक वर्चुअल करेंसी में निवेश करने पर नो योर कस्टमर (केवाईसी) की शर्तें तैयार की जाएंगी। वर्चुअल करेंसी के मुद्दे पर बनायी गयी कमिटी की बैठक में इन प्रस्तावों पर हुआ विचार किया जाएगा।


क्या होती है वर्चुअल करेंसी


वर्चुअल करेंसी ऑनलाइन करेंसी होती है। वर्चुअल करेंसी के तौर पर बिटकॉइन काफी मशहूर है। इसका कोई कागजी दस्तावेज नहीं होता है। वर्चुअल करेंसी खरीदने के लिए संबंधित करेंसी का एप्लीकेशन डाउनलोड करना होता है। एप्लीकेशन के जरिये आप अपने खाते से पैसे चुका करके वर्चुअल करेंसी खरीद सकते हैं। जब आप चाहें एप्लीकेशन पर जाकर अपनी करेंसी बेच भी सकते हैं।


भारत में कई वॉलेट कंपनी वर्चुअल करेंसी खऱीदने के लिए अपना प्लेटफॉर्म मुहैया कराती हैं। वर्चुअल करेंसी को ना तो सरकार, ना ही रिजर्व बैंक ने कोई मान्यता दी है। वर्चुअल करेंसी-बिटकॉइन निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। फरवरी, 2016 में बिटकॉइन की कीमत जहां 25000 रुपये थी वहीं अभी इसकी कीमत करीब 89000 रुपये है।