मैग्मा फिनकॉर्प को ₹114 करोड़ का घाटा -

मैग्मा फिनकॉर्प को ₹114 करोड़ का घाटा

प्रकाशित Thu, 11, 2017 पर 15:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प को 114 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प को 65.3 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।


वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प की आय 11.5 फीसदी घटकर 560 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प की आय 633 करोड़ रुपये रही थी। साल दर साल आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प की ब्याज आय 7.5 फीसदी से बढ़कर 7.6 फीसदी रही है।

तिमाही दर तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प का ग्रॉस एनपीए 9.9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प का नेट एनपीए 7.5 फीसदी से घटकर 5.6 फीसदी रहा है।


तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में मैग्मा फिनकॉर्प की प्रोविजनिंग 104.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 319.3 करोड़ रुपये रही है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में प्रोविजनिंग 98.6 करोड़ रुपये रही थी।


मैग्मा फिनकॉर्प के सीएफओ, कैलाश बहेती का कहना है कि चौथी तिमाही में कलेक्शन एफिशियंस 102 फीसदी रही है, जबकि अप्रैल में 111 फीसदी के आसपास रही है। तमाम राज्य सरकारों के कृषि कर्ज को माफ करने से ज्यादा असर नहीं होगा, क्योंकि कंपनी ज्यादातर एसेट पर कर्ज देती है।


कैलाश बहेती के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 मैग्मा फिनकॉर्प के लिए टर्नअराउंड साबित होने वाला है। दरअसल लगातार एनपीए बढ़ने से ग्रोथ थम गई थी, लेकिन अब एनपीए पर अंकुश लगाने में कामयाबी मिली है तो ग्रोथ संभव है। साथ ही अगर मॉनसून अच्छा रहता है तो और बेहतर ग्रोथ की उम्मीद की जा सकती है। वित्त वर्ष 2018 में लोन डिस्बर्समेंट में 20-25 फीसदी की ग्रोथ का लक्ष्य है।