डॉ रेड्डीजः मुनाफा 2.8 गुना बढ़ा, आय में गिरावट

प्रकाशित Fri, 12, 2017 पर 13:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज का मुनाफा 2.8 गुना बढ़कर 337.6 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज का मुनाफा 122.6 करोड़ रुपये रहा था।


हालांकि वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की आय 4.8 फीसदी घटकर 3611.9 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की आय 3795 करोड़ रुपये रही थी।


साल दर साल आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में डॉ रेड्डीज का एबिटडा 480 करोड़ रुपये से बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में डॉ रेड्डीज का एबिटडा मार्जिन 12.8 फीसदी से बढ़कर 17.7 फीसदी रहा है।


सालाना आधार पर चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की ग्लोबल जेनरिक बिक्री 3077.4 करोड़ रुपये से 5 फीसदी घटकर 2913.8 करोड़ रुपये रही है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की नॉर्थ अमेरिका में जेनरिक बिक्री 1895 करोड़ रुपये से 19 फीसदी घटकर 1534.9 करोड़ रुपये रही है।


सालाना आधार पर चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की लैटिन यूरोप में जेनरिक बिक्री 175.9 करोड़ रुपये से 17 फीसदी बढ़कर 206.6 करोड़ रुपये रही है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में डॉ रेड्डीज की भारत में जेनरिक बिक्री 526.7 करोड़ रुपये से 8 फीसदी बढ़कर 571.1 करोड़ रुपये रही है।

आज नो योर कंपनी में हमारे रडार पर है डॉ रेड्डीज लैब। डॉ रेड्डीज लैब ने नतीजों में बेहतर ग्रोथ दिखाई है, लेकिन कंपनी का मुनाफा और मार्जिन अनुमान से कम रहा है। उत्तरी अमेरिका को छोड़कर हर मार्केट में कंपनी की अच्छी ग्रोथ रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो घरेलू कारोबार में कंपनी की ग्रोथ 2-3 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हुई। अमेरिकी कारोबार 19 फीसदी घटने से कंपनी के कुल रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव दतेखने को मिला है।


सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए डॉ रेड्डीज लैब के सीएफओ सौमेन चक्रवर्ती ने कहा कि अमेरिकी बाजारों में इस साल कंपनी कुछ नए प्रोडक्ट लॉन्च नहीं कर पाई। वित्त वर्ष 2017 में जो मौजूदा प्रोडक्ट्स में प्राइस इरोशन देखने को मिला था वो पिछले साल के मुताबिक काफी ज्यादा रहा है। सामान्यतः सिंगल डिजिट प्राइस इरोशन होता है, लेकिन इस साल ये डबल डिजिट रहा। कंपनी को मैकनेल फार्मा का जो कॉन्ट्रैक्ट लॉस हुआ है वो काफी साल के शुरुआत से ही हुआ था। हालांकि लगभग 30-40 मिलियन डॉलर का कारोबार मैकनेल फार्मा से आता था। आगे जाकर कंपनी का प्राइस इरोशन कम होने की उम्मीद है।