टैक्स गुरुः सुलझाएं टैक्स से जुड़ी तमाम उलझनें -
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टैक्स गुरुः सुलझाएं टैक्स से जुड़ी तमाम उलझनें

प्रकाशित Sat, 13, 2017 पर 14:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की राय।


शरद कोहली का कहना है कि फॉर्म 16 में टैक्स की गणना और कटे हुए टैक्स का ब्यौरा दिया होता है। जिसमें आपको देखना होगा कि आपको मिलने वाले सारे डिडक्शंस, एक्जेंप्शन का ब्यौरा है या नहीं। साथ ही इन बातों पर भी ध्यान दे कि कंपनी ने टैक्स काटकर जमा कराया है या नहीं। फॉर्म 26 एएस से फॉर्म 16 का मिलान जरुर करें।


सवालः 30 अप्रैल तक एंप्लॉयर ने फॉर्म 16 नहीं दिया है, क्या इसका जुर्माना टैक्सपेयर को भरना होगा?


शरद कोहलीः आप कुछ और दिन इंतजार कर सकते है। कंपनियों  को टीडीएस रिटर्न फाइल करने के लिए आम तौर पर 1 महीने का समय मिलता है। लेकिन वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में कंपनियों को टीडीएस रिटर्न के लिए 2 महीने का समय मिलता है। 15 जून तक करदाताओं को कंपनियों से फॉर्म 16 मिलता है। अगर कंपनी फॉर्म 16 नहीं दे रही है तो पूछताछ जरुर करें।


सवालः साल 2014-15 में दो कंपनियों में काम किए थे और इन दोनों कंपनियों ने टीडीएस काटकर इन्हें सैलरी दी थी। लेकिन इस साल का टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया था। क्या अब ये रिटर्न फाइल करना मुमकिन है?


शरद कोहलीः 31 मार्च 2017 तक फाइल रिटर्न कर सकते है। जो टैक्स बकाया हो तो उसे जमा करा दें। अपने टैक्स ऑफिसर से मिलें। सेक्शन 148 के तहत टैक्स ऑफिसर एक नोटिस इश्यू करेगा। नोटिस के बाद ही टैक्स रिटर्न फाइल कर सकेंगे।