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दुनिया में बड़ा साइबर अटैक, ब्रिटेन, अमेरिका समेत 99 देश चपेट में

प्रकाशित Sat, 13, 2017 पर 14:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दुनिया में एक बड़ा साइबर हमला हुआ है। ब्रिटेन, अमेरिका समेत दुनिया के 100 देशों में एक वायरस रैनसमवेयर के अटैक से कंप्यूटर ने काम करना बंद कर दिया है। ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस इससे बुरी तरह से प्रभावित हुई है। ब्रिटेन में इस परेशानी के बाद साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने की मांग भी उठ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियों के लिए ऐसे में नए मौके बन सकते हैं।


ब्रिटेन, अमेरिका समेत चीनी, रूस, स्पेन, इटली और वियतनाम जैसे दुनिया के अहम देश इस साइबर अटैक के चपेट में आए हैं। हालांकि इससे ब्रिटेन सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहा है और ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस प्रभावित हुई है। हेल्थ सर्विस से जुड़े कंप्यूटर हुए लॉक हो गए हैं और अस्पतालों में कंप्यूटर खोलने में परेशानी हो रही है। अस्पताल मरीजों का डाटा नहीं देख पा रहे हैं, साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड, हिस्ट्री और दवाइयां भी नहीं देख सकते। मरीजों का रिकॉर्ड फार्मेसी तक नहीं पहुंच रहा है। बताया जा रहा है कि इस साइबर अटैक के बाद फाइल वापस करने के लिए फिरौती मांगने की खबरें हैं। इस हमले से अब तक 40 संस्थाएं प्रभावित हुई हैं।


हम आपको बता दें कि आखिर ये रैनसमवायर क्या है, रैनसमवायर एक कंप्यूटर वायरस है और कंप्यूटर पर फाइल बर्बाद करने की चेतावनी देता है। फाइल बचाने के लिए फीस चुकानी होगी। दरअसल वायरस मौजूदा फाइल और वीडियो को इनक्रिप्ट करता है, और फिरौती देने के बाद ही डिक्रिप्ट किया जा सकता है। अगर पैसा नहीं चुकाया तो फिरौती की रकम बढ़ जाती है।


आखिर इस रैनसमवायर से कैसे बचा जाए, तो इसके लिए तुरंत अपनी फाइलों का बैकअप लें और संदिग्ध ई-मेल्स से सावधान रहें। वेबसाइट्स और एप्स से सावधान रहें। कंप्यूटर में एंटीवाइरस का इस्तेमाल करें और अपना कंप्यूटर अपडेट रखें। साथ ही हैक होने के बाद कभी फिरौती ना दें।


इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पॉन्स टीम ने इस तरह के अटैक से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने वैनक्राय, वैनक्रिप्ट और रैनसमवेयर से बचने की सलाह दी है। इसमें अपडेटेड एंटी वायरस इस्तेमाल करने को कहा गया है। ई-मेल में अटैचमेंट के जरिए हार्ड डिस्क के डाटा को हैक करने की कोशिश की जा रही है। रिस्पॉन्स टीम ने किसी तरह की फिरौती देने से लोगों को मना किया है और सीईआरटी को सूचना देने को कहा है।