कर्ज में और कमी आने की उम्मीदः जेके पेपर -
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कर्ज में और कमी आने की उम्मीदः जेके पेपर

प्रकाशित Wed, 17, 2017 पर 12:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में जेके पेपर का मुनाफा 56.8 फीसदी बढ़कर 56.3 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में जेके पेपर का मुनाफा 35.9 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में जेके पेपर की आय 9.5 फीसदी बढ़कर 734.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में जेके पेपर की आय 670.9 करोड़ रुपये रही थी।


साल दर साल आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में जेके पेपर का एबिटडा 121.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 142.6 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में जेके पेपर का एबिटडा मार्जिन 19 फीसदी से बढ़कर 20.4 फीसदी रहा है।


कंपनी के नतीजों पर सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए जेके पेपर के प्रेसिडेंट, ए एस मेहता ने कहा कि बिक्री के वॉल्यूम में बढ़ोतरी और कच्चे माल की लागत कम होने से मुनाफे में बढ़ोतरी देखने को मिली है। साथ ही पेपर की कीमतों में बढ़ोतरी से भी मुनाफा बढ़ा है।


ए एस मेहता के मुताबिक जेके पेपर का कैपिसिटी यूटिलाइजेशन 104 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं ओडिशा में नए प्रोजेक्ट का कैपिसिटी यूटिलाइजेशन 110 फीसदी के आसपास रहा है। आगे कैपिसिटी यूटिलाइजेशन को और बेहतर करने पर फोकस रहेगा। फिलहाल विस्तार की योजना नहीं है, लेकिन आगे इस पर विचार संभव है। फिलहाल कंपनी का कुल कर्ज 1600 करोड़ रुपये के आसपास है। वित्त वर्ष 2017 में 250 करोड़ रुपये का कर्ज कम किया गया है। अब कंपनी की रेटिंग बेहतर हुई है तो आगे और कर्ज कम होने की उम्मीद है।