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रिकॉर्ड स्तर से फिसला बाजार, अब क्या करें

प्रकाशित Thu, 18, 2017 पर 16:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लगातार रिकॉर्ड बना रहे घरेलू बाजारों में आज जमकर मुनाफावसूली देखने को मिली है। दरअसल ग्लोबल बाजारों से मिले खराब संकेतों ने घरेलू बाजारों पर दबाव बनाने काम किया है। निफ्टी 1 गिरकर बंद हुआ है, जबकि सेंसेक्स 0.75 फीसदी गिरा है। कमजोरी के माहौल में आज निफ्टी 9418.1 तक फिसल गया था, तो सेंसेक्स 30393.72 तक टूटा था। अंत में निफ्टी 9430 के आसपास बंद हुआ है, जबकि सेंसेक्स 30500 के नीचे बंद हुआ है।


एयूएम कैपिटल के रिसर्च हेड राजेश अग्रवाल का कहना है कि ग्लोबल बाजार में नकारात्मक खबरों के कारण भारतीय बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। हालांकि कई दिनों से बाजार में काफी तेजी थी जिसके चलते यह गिरावट बाजार में नई खरीदारी का मौका देगी। क्योंकि आनेवाले दिनों में जीएसटी और अच्छे मॉनसून के कारण बाजार में फिर से बढ़त देखने को मिलेगी। निफ्टी में जब 100-150 प्वाइंट तक की गिरावट होती है तो मिडकैप कंपनियां में 15-20 फीसदी तक की गिरावट नजर आती है। जहां पर खरीदारी का बेहतर मौका मिल जाता है।


आईडीबीआई बैंक में जिस तरह से एनपीए में बढ़त देखने को मिली है वह अपने में ही चिंताजनक है और आरबीआई ने भी वॉचलिस्ट में डाल दिया है हालांकि इससे आनेवाले कुछ सालों में बैंक की हालात में सुधार देखने को मिलेगी। जिसके चलते चलते इसमें मौजूदासमय में खरीदारी ना करते हुए बल्कि 10 फीसदी तक गिरावट के बाद लंबी अवधि का नजरिया रख खरीदारी करने की सलाह होगी।


आनंद राठी के टेक्निकल- डेरिवेटिव हेड जय ठक्कर का कहना है कि बैंक ऑफ बडौदा में शॉर्ट पोजिशन बनाई जा सकती है। लेकिन
बजाज ऑटो में शॉर्ट पोजिशन नजर नहीं आती। क्योंकि बजाज ऑटो में 2900 रुपये के स्तर पर सपोर्ट बना हुआ है। लिहाजा बजाज ऑटो में शॉर्ट पोजिशन ना खड़ी करें।


यस बैंक में काफी गिरावट देखने को मिली है। लिहाजा इसमें ट्रेडिंगके नजरिये से खरीदारी ना करने की सलाह होगी।


एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्युशंस के चीफ एक्जिक्यूटिव, टी एस हरिहर का कहना है कि मर्जर की खबरों के पहले ही सीईएससी में
काफी तेजी देखने को मिली है। आज के सत्र में इसमें काफी मुनाफावसूली हो रही है जो बाजार के लिए थोड़ा नकारात्मक रहा है। लेकिन बाजार की रैली के बाद मुनाफावसूली हावी होना स्वभाविक होता है जिससे घबराने की जरुरत नहीं है।


मौजूदा समय से 2-3 साल का नजरिया रख मिडकैप सेक्टर को देखा जाएं तो इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है। लिहाजा जो निवेशक लंबी अवधि का नजरिया रखते है उन्हें इस सेक्टर में बने रहने की सलाह होगी।