Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » राजनीति

मंदसौर से भोपाल तक पहुंची किसान आंदोलन की आग

प्रकाशित Fri, 09, 2017 पर 16:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहले फायरिंग में 6 किसानों की मौत और अब हवाई फायरिंग और आंसू गैस के गोले। मध्यप्रदेश में किसानों के आंदोलन की आग राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। कई गांवों से भोपाल पहुंचे किसानों ने भोपाल-इंदौर हाइवे पर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। किसानों ने एक ट्रक में आग भी लगा दी। चक्का जाम को खोलने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों में झड़प शुरू हो गई। आरोप है कि किसानों ने पथराव कर मौके पर खड़ी कई बसों में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और हवा में फायरिंग की गई। इससे जान बचाने के लिए किसान हाइवे के करीब खेतों में जा छिपे। इसके अलावा मध्य प्रदेश में ही रायसेन जिले में एक किसान ने कर्ज न चुका पाने के चलते आमहत्या भी कर ली।


मध्य प्रदेश किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से छह लोगों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने एमपी सरकार को सतर्क रहने की नसीहत दी है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने राजस्थान, यूपी और महाराष्ट्र से मिल रही किसान आंदोलन की धमकियों के बीच तीनों राज्य से बात की है।


उधर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शांति बहाली के लिए वो कल से भोपाल में उपवास पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वो वहीं से सरकार भी चलाएंगे और किसानों से बात भी करेंगे।


इससे पहले पिछले कई दिनों से सुलग रहे मंदसौर में कर्फ्यू में ढील के दौरान बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने घर से बाहर निकले। कर्फ्यू में छूट सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। पुलिस ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर करीब 56 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।


केंद्र ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र में आरएएफ के 1,100 कर्मियों को भेजा है। आरएएफ की दो कंपनियों को मंदसौर के पिपलिया मंडी में तैनात किया गया है। मंदसौर के डीएम ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने उम्मीद जताई की अगर कर्फ्यू में ढील के दौरान हालात सामान्य रहे तो कल भी ढील देने पर विचार किया जा सकता है।


मंदसौर में गोली चली, 6 किसान मरे। पहले सरकार ने कहा पुलिस ने गोली नहीं चलाई। बाद में गलती मानी। लेकिन किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेशनल मजदूर किसान संघ के प्रेसिडेंट शिव कुमार ने आवाज़ के सहयोगी चैनल न्यूज18 इंडिया से बातचीत में कहा मध्य प्रदेश सरकार ने सुनियोजित तरीके से गोली चलवाई थी। उधर किसानों को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि राहुल गांधी उन किसानों के आंसू पोंछने गए थे जिनकी बीजेपी सरकार और पुलिस प्रशासन ने हत्या की। वहीं आरजेडी नेता लालू यादव का कहना है कि सरकार किसानों के आंदोलन को जबरन दबाना चाहती है। जबकि जेडीयू ने सरकार से मांग की है कि किसानों का कर्ज तुरंत माफ किया जाए।


इधर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक बार फिर कहा है कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं उन्हें किसानों की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है। आंदोलन के दौरान भीड़ को उकसाने वाले वीडियो सामने आने के बाद कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह साफ हो चुका है कि किस तरह लोगों को उकसाया जा रहा है।