एनपीपीए ने दी इजाजत, जरूरी दवाएं होंगी महंगी -
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एनपीपीए ने दी इजाजत, जरूरी दवाएं होंगी महंगी

प्रकाशित Fri, 09, 2017 पर 19:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपका इलाज महंगा होने वाला है क्योंकि जीएसटी लागू होते ही जरूरी दवाओं की कीमत 3 फीसदी तक बढ़ जाएगी। जीएसटी में जरूरी दवाओं पर 12 फीसदी टैक्स लगाने की इजाजत मिली है। एनपीपीए यानि नेशनल फार्मा प्राइसिंग अथॉरिटी ने टैक्स बढ़ाने की इजाजत दे दी है। बता दें कि जरूरी दवाओं पर अभी कुल मिलाकर 9 फीसदी टैक्स लगते हैं। दवाओं पर 12 फीसदी  जीएसटी तय हुआ है।


एनपीपीए ने कीमत का जो फॉर्मूला तय किया है उसके मुताबिक सीलिंग प्राइज से एक्साइज ड्यूटी हटाई गई है। अभी सीलिंग प्राइस एक्साइज ड्यूटी के साथ ही तय होती है। अभी सीलिंग प्राइस पर वैट भी लगता है। अब बाकी दवा की कीमत प्रति वर्ष 13 फीसदी बढ़ाने की इजाजत नहीं दी गई है। कंपनियां बाकी दवा की कीमत प्रति वर्ष 10 फीसदी ही बढ़ा पाएंगी।


जीएसटी के बाद न सिर्फ रिटेलर्स बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाएं बेचने वाली कंपनियों को भी नुकसान होगा। सीएनबीसी-आवाज़ के साथ खास बातचीत में नेटमेड्स डॉट कॉम के फाउंडर प्रदीप ढांडा ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी परेशानी बचा हुआ स्टॉक है। दूसरी परेशानी इस बात की है कि वह एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म हैं जिनके पास इनपुट क्रेडिट पाने के लिए पर्याप्त पेपर्स नहीं हैं। क्रेडिट इनपुट मिलेगा, इस पर स्थिति साफ नहीं है। बिना पेपर्स के इनपुट क्रेडिट मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि नेटमेड्स रिटेलर्स के लिए दवा बेचने का प्लैटफॉर्म है, जीएसटी के बाद भी सस्ती दवाएं बेचते रहेंगे।