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ब्रांड बाजारः ब्रांड्स चले पड़े डिजिटल की राह

प्रकाशित Sat, 10, 2017 पर 14:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

2021 तक भारत की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री 291000 करोड़ की हो जाएगी, ये कहना है पीडब्ल्यूसी की मीडिया एंड एंटरटेंमेंट रिपोर्ट का। और क्या कहना है पीडब्ल्यूसी का 2017 से 2021 तक के फिल्म, एडवरटाइजिंग और टेलीविजन के बिजनस और ग्रोथ के बार में आइए जानते हैं।


एंटरटेनमेंट और मीडिया इंडस्ट्री आने वाले 4 साल में काफी तेजी से बढ़ेगी। पीडब्ल्यूसी की ग्लोबल आउटलुक रिपोर्ट के हिसाब से 2017-2021 में भारत में टेलीविजन सब्सक्रिप्शन 11.4 फीसदी बढ़कर 16.7 करोड़ का रेवेन्यू देगा। साथ ही एंटरटेंमेंट और मीडिया इंडस्ट्री भी 10.5 फीसदी के रेट के साथ बढ़ेगी।


दंगल, बाहूबली जैसी फिल्मों ने देश विदेश में काफी धूम मचाई है। जिसके बाद भारतीय फिल्मों के कारोबार ने नया रुख ले लिया है। पीडब्ल्यूसी की आउटलुक रिपोर्ट में भी फिल्म इंडस्ट्री की अच्छी ग्रोथ का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक 2021 तक बॉक्स ऑफिस रेवेन्यू 18,047 करोड़ रुपये हो सकता है। इस ग्रोथ के हिसाब से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री जापान की फिल्म इंडस्ट्री को भी पीछे छोड़ देगी।


नोटबंदी के बाद डिजिटल इंडिया की मुहीम ने काफी तेजी पकड़ी है। ब्रांड्स भी ज्यादा ग्राहकों से जुड़ने के लिए डिजिटल हो रहे हैं। इसके बावजूद एशिया पेसेफिक रीजन में इंटरनेट एडवरटाइजिंग रेवेन्यू में भारत 8वें पायदान पर आता है। साल 2016 में भारत में इंटरनेट सब्सक्रिपशन सिर्फ 6.9 फीसदी रहा, जिसकी वजह रही, भारत में इंटरनेट का कम और सीमित जगहों तक पहुंचना। लेकिन इस रिपोर्ट के मुताबिक अगले 5 सालो में इंटरनेट एडवरटाइजिंग 18.6 फीसदी की ग्रोथ से बढ़ेगी।


ब्रांड्स और लोगों के डिजिटल होने के बावजूद और टेलीविजन और अखबार की एडवरटाइजिंग में अच्छी ग्रोथ का अनुमान है, हालांकि मैगजीन में ये ग्रोथ धिमी रहेगी।