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जैकपॉट शेयरः बेफिक्र होकर करें निवेश, बनें मालामाल

प्रकाशित Mon, 12, 2017 पर 09:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर हम एक बार फिर से लेकर आए हैं जैकपॉट शेयर, ऐसा शेयर जिसमें निवेश से आपको बंपर मुनाफा मिलेगा। जैकपॉट शेयर वो शेयर है जो लंबी अवधि में तो शानदार मुनाफा देते ही हैं, छोटी अवधि में भी निवेशकों को शानदार रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। यानि, मजबूत फंडामेंटल वाले ऐसे शेयर जिसमें आगे अच्छी तेजी की उम्मीद है।


आज का जैकपॉट शेयरः वेदांता
वेदांता लंदन लिस्टेड मेटल और माइनिंग दिग्गज वेदांता रिसोर्सेज की सब्सिडियरी है। ये नॉन फेरस मेटल में देश की सबसे बड़ी कंपनी है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और सेसा गोवा के विलय से कंपनी का गठन हुआ है। कंपनी ने स्टरलाइट-सेसा के विलय​ के बाद केर्न इंडिया खरीदा है।


कंपनी के पास केर्न इंडिया का 58.9 फीसदी और ​हिंदुस्तान जिंक का 64.9 फीसदी  हिस्सा है। वहीं एंग्लो अमेरिकन कंपनी के जिंक कारोबार का 100 फीसदी हिस्सा है। कंपनी कॉपर, आयरन ओर, एल्युमिनियम और कम​र्शियल पावर में भी है।


जिंक कारोबार में वेदांता भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के पास जिंक का 79 फीसदी मार्केट शेयर है। चांदी के उत्पादन में वेदांता दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। जिसकी सालाना क्षमता 160 लाख आउंस है। 


तेल-गैस कारोबार में केर्न इंडिया देश की सबसे बड़ी निजी तेल कंपनी है। गोवा और कर्नाटक में कंपनी के आयरन ओर के खानें हैं। भारत की कॉपर इंडस्ट्री का 36 फीसदी मार्केट शेयर वेदांता के पास है और ये कॉपर रॉड बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के पास दुनिया में सबसे कम लागत वाले स्मेल्टर है।


कंपनी के पास छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में एल्युमिनियम प्लांट है। साथ ही बाल्को में कंपनी का 51 फीसदी हिस्सा है। वेदांता निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी पावर कंपनियों में से एक है। कंपनी के पास 9000 मेगावॉट के पावर प्लांट ऑपरेशनल क्षमता है।


वित्त वर्ष 2017 में तेल-गैस से 13.5 फीसदी, जिंक-लेड-चांदी से 16.1 फीसदी, एल्युमिनियम से 42.9 फीसदी, पावर से 15.7 फीसदी, कॉपर से 6.70 फीसदी और आयरन ओर से 5.1 फीसदी आय कंपनी में आती देखने को मिली है।


वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में वेदांता की आय 41 फीसदी और कारोबारी मुनाफा 109 फीसदी रहा है। वहीं मुनाफा 2988 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी का एबिटडा बीती 16 तिमाहियों में सबसे ज्यादा रहा है। एल्युमिनियम और जिंक में क्षमता विस्तार से आगे कंपनी की एबिटडा ग्रोथ मजबूत रहेगी।


बोर्ड ने कंपनी को नई डिविडेंड पॉलिसी को मंजूरी दी है। हिंदुस्तान जिंक का पूरा डिविडेंड शेयरधारकों को मिलेगा। साथ ही मुनाफे का 30 फीसदी डिविडेंड के तौर पर मिलेगा। मौजूदा भाव पर 7.5 फीसदी से 8 फीसदी डिविडेंड यील्ड की उम्मीद है। बाल्को और हिंद जिंक में सरकार का बचा हिस्सा खरीदने से कंपनी को बड़ा फायदा होगा।