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66 प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट घटे

प्रकाशित Mon, 12, 2017 पर 09:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी काउंसिल की बैठक में 66 प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट घटाने का फैसला लिया गया है। लेकिन टेलीकॉम सेक्टर के लिए टैक्स दर 18 फीसदी पर बरकरार रखी गई है। अब जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 18 जून को होगी।


जिन प्रोडक्ट्स पर जीएसटी दरें घटाई गई हैं, वो हैं- इंसुलिन, काजू, अगरबत्ती, स्कूल बैग, नोटबुक, कंप्यूटर प्रिंटर और बॉलि बियरिंग। इसके अलावा कटलरी और ट्रैक्टर पार्ट्स पर भी जीएसटी दरों में कमी की गई है। 100 रुपये से कम के सिनेमा टिकट पर जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसटी कर दी गई है। 100 रुपये से ज्यादा के टिकट पर 28 फीसदी जीएसटी बरकरार रखी गई है।


इंसुलिन पर जीएसटी दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसटी कर दी गई है। काजू पर जीएसटी दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। अगरबत्ती पर जीएसटी दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। स्कूल बैग पर जीएसटी घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। नोटबुक पर जीएसटी 18 फईसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दी गई है। कंप्यूटर प्रिंटर पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। बॉल बियरिंग पर जीएसटी 22 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी गई है। टेलीकॉम सेक्टर के लिए टैक्स दर 18 फीसदी पर बरकरार रखी गई है। कटलरी के लिए जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दी गई है। ट्रैक्टर पार्ट्स के लिए जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी रखी गई है। कंपोजिशन की राशि बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं अचार, चटनी, कैचअप पर जीएसटी 18 फीसदी से घटकर 12 फीसदी कर दी गई है।


इस बीच दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसौदिया ने ट्वीट कर कहा है कि मुझे चिंता है कि जीएसटी कहीं महंगाई या इंस्पेक्टर राज्य न बढ़ा दे। जीएसटी की ज्यादा टैक्स दरें महंगाई बढ़ाएंगी। ज्यादा दर से बिना टैक्स दिए सामान खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और इंस्पेक्टर राज्य भी बढ़ेगा। ड्राई फ्रूट, अचार, चटनी, रसोई बर्तन, नमक महंगे होंगे तो आम आदमी की रसोई भी महंगी होगी। आयुर्वेदिक दवाओं, नज़र के चश्मे, डायग्नोस्टिक पर ज्यादा टैक्स से इलाज महंगा होगा। उन्होंने कहा है कि दिल्ली की ओर से मेरी कोशिश रहेगी कि छोटे व्यापारियों और आम आदमी की रोज़मर्रा की चीज़ों पर कम से कम टैक्स हो।