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राज्य सरकारें खुद के भरोसे माफ करें कर्ज!

प्रकाशित Mon, 12, 2017 पर 15:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज वित्त मंत्री और पीएसयू बैंकों की अहम बैठक हुई है। इस बैठक में सरकारी बैंकों के एनपीए को लेकर खास चर्चा हुई है। इस बैठक में वित्त मंत्री नें कहा कि बैंकों की साइबर सिक्योरिटी एक बड़ा मुद्दा है। बैंकों का वित्त वर्ष 2017 का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 1.5 करोड़ रुपये रहा है। वित्त वर्ष 2017 में पीएसयू बैंकों का प्रोविजनिंग के बाद मुनाफा 574 करोड़ रुपये रहा है। एफएम ने ये भी बताया कि आईबीसी यानी इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत 81 मामले दर्ज हुए हैं। इन 81 में से 18 मामले लेनदारों ने दर्ज कराए हैं। उन्होंने आगे कहा कि लंबित मामलों में जल्द कार्रवाई की जरूरत है। आरबीआई कुछ और कर्जदारों की लिस्ट तैयार कर रहा है।


कर्ज माफी पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार किसान कर्ज माफी पर कोई फैसला नहीं लेगी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि ये पूरा मामला राज्य सरकारों का है। अगर कोई राज्य सरकार इस बारे में सोच रही है तो वह पूरी तरह से अपने संसाधनों के आधार पर फैसला ले सकती है।


वित्त मंत्री ने  बताया कि इस बैठक में बैंकों के कंसॉलिडेशन पर चर्चा नहीं हुई। एफएम का कहना है कि क्रेडिट ग्रोथ बैंकों के लिए चुनौती है। इस बीच एनपीए पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि एनपीए पर आरबीआई ने एक कमिटी का गठन किया है जो एनपीए से निपटाने पर काम कर रही है। आपको बता दें कि राजस्व सचिव के साथ बैंकों की बैठक आज शाम को होगी।