फिटनेस का मूलमंत्र योगा, तन और मन की शांति का रास्ता -
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फिटनेस का मूलमंत्र योगा, तन और मन की शांति का रास्ता

प्रकाशित Sat, 17, 2017 पर 13:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हमारी जिंदगी घड़ी की सूई की रफ्तार से भाग रही है। लेकिन परेशानी भरी लाइफस्टाइल में मन की शांति के लिए लोग योगा का सहारा ले रहे हैं। और जितने ज्यादा लोग इसे अपना रहे हैं, उतनी नई शैलियां इसमें देखने और करने को मिल रही हैं। योगा को उसके पारंपरिक रूप में कई गुरूओं ने अपनाया और अलग अलग क्रिया पर महारथ हासिल कर उसे अपने नाम से प्रचलित किया। वहीं योगा को कई फिटनेस एक्पर्ट्स ने भी अपनाया और नई शौलियां विकसित कर उसे नया अंदाज़ दिया। 


योगा - जीवन जीने का वो तरीका है, जो 5000 साल से देश के ऋषियों और मुनियों ही नहीं आम लोगों के जीवन से भी जुड़ा है। ऐसा माना जाता है की योगा सिर्फ कोई व्यायाम या आसन ही नहीं बल्की ये आपको भावनात्मक और आध्यात्मिक भी उठाता है और एक बेहतर इंसान बनाता है। योगा की कई शैलियां और पद्धतियां हैं। सबसे पहले


हठयोगा या फिर हठ योगा - ये योगा का बेसिक तरीका है, जिसमें धीरे-धीरे हर आसन को सिर्फ कुछ सांसो तक रोक कर किया जाता है। हा का मतलब है सूर्य और ठा का मतलब चंद्रमा। इसमें योगा के पोस्चर्स पर ध्यान दिया जाता है और बैलेंस करना सिखाया जाता है। ये किसी भी योगा की शुरूआत है। पहली बार योगा करने जा रहे हैं तो शुरुआत हठयोग से करें।


लेकिन अगर आप कुछ चुनौतिपूर्ण और कुछ ऐसा चाहते हैं जो एक बंधे हुए अंदाज़ में सिखाया जाए। तो आपके लिए है अष्टांग योगा। इसमें कुल 6 आसनों का सेट है। एक ही तरह के इन आसनों को एक ही ऑर्डर में बार बार किया जाता है। जिससे अंदरूनी हीट बढ़ती है।  जिन लोगों को कड़े नियम, कायदे में रहना पसंद है उनके लिए है अष्टांग योग।


विनयासा - योगा की एक ऐसी शैली जो बेहद गतिशील है। इसमें क्रिया करने के साथ साथ सांस को भी एक रिदम में करना सिखाया जाता है। इसमें एक के बाद एक आसन काफी जल्दी-जल्दी लय और ताल पर बदला जाता है। इसे म्यूजिक के साथ ही किया जाता है। गति तेज़ होने की वजह से इस शैली में हार्ट रेट काफी बढ़ जाता है। रनर्स और एथलीट्स के लिए ये बढ़िया योग शैली है।


अइयंगर योगा - ऐसी योगा शैली है जिसमें हर आसन में शरीर का बैलेंस और एक रेखा में होना जरूरी है। योगा ब्लॉक्स, ब्लैंकेट, रस्सियां इस योगा में आपके सबसे अच्छे दोस्त बन जाएंगे। और इसमें हर आसन को कुछ खास समय तक होल्ड किया जाता है। इस तरह की शोली को करने से पहले इसकी एक ट्रायल क्लास लें और जाने की क्या आप इसे कर पाएंगे या नहीं। हांलाकि ये योगा चोटों के लिए अच्छा है, लकिन इसे करने से पहले डॉक्टर से कंस्लट जरूर करें। योगी की तरह योग करना चहाते हैं तो अय्यंगर योगा करें, इसे हर उम्र के लोग कर सकते हैं।


कुंडलीन योगा को योगा का एक मुश्किल फॉर्म माना जाता है। इसमें आपकी कुंडलियों को जागरुक किया जाता है। कुंडलीन योगा चक्रों को खोलने का काम करता है ताकी आप एक शुद्ध जीवन जी सकें। ये एक तरह से आपको डिल्टोक्स करता है। ये दिमागी तौर पर काफी चुनौती पूर्ण है, इसमें क्रीयाओं के साथ साथ सांस लेने और छोड़ने पर ज्यादा जोर रहता है और मंत्र उचारण भी किया जाता है। मन की शांति, शरीर को डिटॉक्स करने के लिए और एक कदम आध्यात्म की ओर बढ़ाना चाहते हैं तो कुंडलिनी योग करें।


योगा अलग-अलग तरह का तो जरूर है, लेकिन योगा की सबसे बड़ी खासियत ये है की हर उम्र के लोग योगा कर सकते हैं। और इसलिए, योगा देश भर में काफी पॉपुलर हो गया है। आजकल योगा का सबसे  पॉपुलर फॉर्म है- पॉवर योगा। क्या होता है पॉवर योगा और कैसे घटा सकते हैं इस योगा आप अपना वजन। देखेंगे एक छोटे से ब्रेक के बाद।