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जीएसटी से पहले बिल्डर की चिट्ठी, घर खरीदार ना हों कंफ्यूज

प्रकाशित Mon, 19, 2017 पर 18:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी, एक ऐसा टैक्स होगा जो जिंदगी बदलने का दम रखता है। 1 जुलाई से जीएसटी हकीकत बनने जा रहा है। अलग-अलग बिजनेस सेक्टर में जीएसटी के अलग-अलग मायने हैं। साथ ही कंज्यूमर्स के लिए भी जीएसटी के अलग-अलग मायने हैं। यही वजह है कि इन दिनों देखने को मिल रहा है कि बाजार में भारी सेल का सीजन चल रहा है। हालांकि, कुछ ऐसे सेक्टर हैं जहां जीएसटी का असर कुछ दिनों बाद देखने को मिलेगा और ऐसा ही एक सेक्टर है रियल एस्टेट।


रियल एस्टेट में जीएसटी को लेकर थोड़ा असमंजस का माहौल बना हुआ है। इसी असमंजस के चलते कई बिल्डरों के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। ग्राहकों के मुताबिक बिल्डरों की ओर से ये कहा जा रहा है कि अगर 1 जुलाई से पहले भुगतार कर देते हैं तो आपको कम टैक्स भरना पड़ेगा। 1 जुलाई के बाद जीएसटी लागू होने से ज्यादा टैक्स की मार पड़ सकती है। हम आपकी इसी असमंजस को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।


बिल्डरों की ओर झांसा दिया जा रहा है कि 30 जून तक बकाया भुगतान में फायदा है, और 1 जुलाई से पेमेंट पर 12 फीसदी जीएसटी टैक्स लगेगा। अभी 3.75 फीसदी और 4.5 फीसदी सर्विस टैक्स का एडवांस पेमेंट कर फायदा उठाएं। बिल्डरों के इस तरह के झांसे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को चिट्ठी लिखी है। जीएसटी में प्रॉपर्टी पर ध्यान रखने को कहा है।


सरकार ने बिल्डरों को चेतावनी देते हुए कहा कि जीएसटी के नाम पर एडवांस पेमेंट ना मांगें। सरकार ने बिल्डरों से टैक्स बचत का फायदा ग्राहकों को देने को कहा है और टैक्स बचत ग्राहक को नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। बिल्डरों के खिलाफ एंटी प्रोफिटियरिंग प्रावधान के तहत कार्रवाई हो सकती है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम यानि सीबीईसी को बिल्डरों की शिकायत मिली थी।