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रेरा के बाद सुस्त पड़ी रियल एस्टेट मार्केट की चाल

प्रकाशित Mon, 10, 2017 पर 13:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस समय रियल एस्टेट मार्केट काफी अलग दौर से गुजर रहा है।  रियल एस्टेट मार्केट में बदलाव को लेकर काफी सारी खबरें इन दिनों निकल कर आ रही हैं और यह खबरें रियल एस्टेट मार्केट में बदलाव ला रहा है। चाहे वो रेरा हो, चाहे वो जीएसटी हो या चाहे सरकार की पॉलिसी यह सभी मार्केट पर बहुत बड़ा असर कर रही है। हालांकि इन खबरों में जो सबसे अहम है वो है रियल एस्टेट रेगुलेटर यानि रेरा। जो रियल एस्टेट मार्केट पर काफी बड़ा असर संभव है।


देश की जानी-मानी कंपनी नाइटफ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 के पहले 6 महीनों में किस तरह से रियल एस्टेट मार्केट में बदलाव आया है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की अर्फोडेबल हाउसिंग स्कीम से रियल एस्टेट मार्केट में बढ़ावा देखने को मिला है तो वहीं दूसरी तरफ रेरा आने के बाद देश में नए प्रोजेक्ट लॉन्च में 41 फीसदी तक की गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक रेरा के आने के बाद पिछले 5 सालों में सबसे कम घरों की ब्रिकी हुई है और इन घरों की ब्रिकी में 11 फीसदी तक की कमी देखने को मिली है।


नाइटफ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की अर्फोडेबल हाउसिंग स्कीम के बाद 50 लाख रुपये से कम के घरों में 71 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली जबकि एनसीआर और हैदराबाद में नए लॉन्च में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली है। हालांकि इस गिरावट की वजह रेरा रजिस्ट्रेशन में देरी के कारण हुई है।


नाइटफ्रैंक इंडिया के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर गुलाम जिया का कहना है कि पिछले 3 साल से लगातार रियल एस्टेट मार्केट में गिरावट देखी जा रही है। एक तरफ मार्केट में नए प्रोजेक्ट की कमी देखी गई है तो दूसरी तरफ घरों की सेल में भी कमी देखने को मिल रही है। आज जब रेरा इन सबके बाद लागू किया गया है तो ऐसे में रियल एस्टेट मार्केट की हालात और खस्ता हुई है।


प्रॉपर्टी एक्सपर्ट अरविंद नंदन के अनुसार रियल एस्टेट में पहले ऐसे सारे पहलू थे जिनके कारण इस मार्केट में इस तरह का माहौल बना था, जहां पर ब्लैक मनी का कारोबार ज्यादा होने लगा। वहीं मार्केट की वैल्यूएशन की कोई निर्धारित सीमा नहीं तय की जाती थी। लेकिन नोटबंदी के बाद मार्केट से कैश बाहर चला गया जबकि मौजूदा समय में बाजार में रेरा, अर्फोडेबल हाउसिंग और सरकार की कई तरह की योजनाओं के कारण इस बाजार में ङार जरुर पड़ रही है। लेकिन इसे सकारात्मक नजरिये से लेने की जरुरत  है। क्योंकि रेरा और जीएसटी से बाजार की उतार-चढ़ाव जरुर खत्म होगी।