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जीएसटी की मार से खेलना-कूदना हुआ महंगा

प्रकाशित Mon, 10, 2017 पर 19:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी ने खेलने के सामान भी महंगे कर दिए हैं। खेलोगे कूदोगे, बनोगे खराब, पहले ये मां-बाप कहते थे, अब सरकार भी कह रही है। जीएसटी लागू होने के बाद खेलने कूदने के सामान महंगे हो गए हैं। कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि अब खेलना कोई खेल नहीं रह गया है। ओलंपिक में अक्सर एक अदद मेडल के लिए तरसने वाले देश के बच्चों को खेलने के लिए अब अपने मम्मी-पापा से ज्यादा पैसे मांगने होंगे। खेलने के जिन सामानों पर पहले 0 से 5 फीसदी तक टैक्स लगता था उनपर अब 12 से 28 फीसदी जीएसटी लग रहा है।


महंगाई की ये मार कितनी पड़ी है इसे समझाने के लिए हम आपको आप उत्तर प्रदेश का गणित दिखाते हैं। गोरक्षा के हल्ले में महंगे लेदर की मार झेल रही क्रिकेट बॉल पर यूपी में 0 फीसदी टैक्स लगता था अब ये टैक्स 12 फीसदी हैं यानी जो बॉल 600 रुपये में मिलती थी अब वो 672 रुपये में मिल रही है। किक्रेट किट पर 14.5 फीसदी टैक्स लगता था अब जीएसटी 28 फीसदी है इसलिए 6000 की क्रिकेट किट अब 6810 रुपये में मिल रही है।  स्विमिंग सूट पर पहले 5 फीसदी टैक्स लगता था लेकिन जीएसटी 28 फीसदी है, लिहाजा 1100 का स्विमिंग सूट अब 1353 रुपये का मिल रहा है। इतना ही नहीं सरकार जिस योगा को प्रमोट कर रही है उसके लिए योगा मैट पर अब 12 के बजाय 28 फीसदी टैक्स लग रहा है तो 1000 रुपये में मिलने वाला मैट अब 1160 रुपये में मिल रहा है।


खेल-कूद कि जगह पहले ही कंप्यूटर और आई-पैड ने ले ली है। ऐसे में जीएसटी के बाद जिस तरह खेल ने कि सामान महंगे हो रहें है इससे लगता है कि पहले से ही बैक फूट पर रहें भारतीय खेल पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।