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ब्लड बैंक नियम में बदलाव, अब खून के बदले खून नहीं

प्रकाशित Wed, 12, 2017 पर 18:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महाराष्ट्र सरकार ने ब्लड बैंक के नियमों में बदलाव किया है। जिसके बाद अब आपको खून के बदले खून नहीं देना होगा यानि अब महाराष्ट्र में ब्लड बैंक आपसे रिप्लेसमेंट नहीं मांग सकता है। सरकार ने ब्लड बैंक को इस बदलाव के लिए 3 महीने का वक्त दिया है।


दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने ब्लड बैंक के नियमों में बदलाव करते हुए ब्लड बैंक से कहा कि अब वह बल्ड के बदले में रिप्लेसमेंट नहीं मांग सकते है। स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल का सर्कुलर के अनुसार ब्लड बैंक के नियम में बदलाव के बाद ब्लड बैंक को खुद 90 फीसदी स्टॉक जुटाना होगा। अगर कोई ब्लड बैंक सेंटर नियम तोड़ता है तो उसका सर्टिफिकेट  रद्द कर दिया जायेगा। हालांकि सरकार ने इस बदलाव के लिए  ब्लड बैंक  को 3 महीने का वक्त दिया है। मौजूदा समय में महाराष्ट्र में 302 ब्लड बैंक है। इस नियम के तहत अब सर्जरी के लिए अस्पताल खुद खून का इंतजाम करेगा।


महाराष्ट्र के कई ब्लड बैंक में 50 फीसदी से कम स्वैच्छिक डोनेशन है और इसकी वजह यह है कि ब्लडबैंक पर्याप्त डोनेशन कैंप नहीं लगाते है। साल 2016-17 में सिर्फ 3 फीसदी ब्लड रिप्लेसमेंट से आया था। आरटीआई के तहत 2016-17 में देशभर में 2.5 करोड़ यूनिट ब्लड रिप्लेसमेंट से मिला है जबकि 25 फीसदी रिप्लेसमेंट ब्लड कलेक्शन से मिला है।


बता दें कि साल 2002 में नेशनल ब्लड पॉलिसी बनाई गई थी। 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने पैसे के बदले खून देने पर रोक लगाई थी। हालांकि 5 साल में यह रिप्लेसमेंट डोनेशन बंद होना था। इसका मकसद स्वैच्छिक रक्त दान को बढ़ावा देना था। आज भी बहुत से लोगों के मन में ब्लड डोनेशन को लेकर भय (डर) की स्थिति बनी हुई है। जिसका नतीजा यह है कि लोग ब्लड डोनेशन के लिए आगे नहीं आते। मौजूदा समय में ब्लड डोनेशन को लेकर जागरूकता की कमी भी देखने को मिली है।