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सावधान! इनकम टैक्स वाले आ रहे हैं !

प्रकाशित Fri, 14, 2017 पर 16:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी के कारण करीब साढ़े छह लाख लोग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के निशाने पर आ गए हैं। ये वैसे लोग हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान अपने खातों में पैसा जमा कराया लेकिन सही हिसाब नहीं दिया कि पैसा आया कहां से? जल्द ही ऐसे लोगों को इनकम टैक्स वालों की दस्तक सुनाई देगी। किसी को इनकम टैक्स का एसएमएस आएगा तो किसी को ई-मेल और किसी से टैक्समैन कॉल करके सवाल पूछेगा।


दरअसल, कालाधन पकड़ने के लिए सरकार ने ऑपरेशन क्लीन मनी पार्ट-2 लॉन्च किया था। इसके जरिये पांच लाख 56 हजार ऐसे लोगों की पहचान हुई है जिनके खातों में जमा पैसा या दूसरे निवेश की रकम उनकी आमदनी से मेल नहीं खाते। इसके अलावा करीब 1 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिन्होंने एक से ज्यादा बैंक खातों में पैसे का लेनदेन किया है लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आधी अधूरी जानकारी दी है। इतना ही नहीं ऊंची कीमत की प्रॉपर्टी की खरीद के 6 हजार मामले ऐसे सामने आए हैं जो संदेह के दायरे में हैं। जबकि 6600 मामले विदेशों से पैसे के लेनदेन के आए हैं।


आपका खाता शक के दायरे में है या नहीं इसकी जानकारी आप इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर ले सकते हैं। इनकम टैक्स वालों के सवाल जवाब से बचना चाहते हैं तो आप यहीं आप सफाई भी दे सकते हैं। अब ऐसे लोगों से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सवाल जवाब करेगा। इनमें से कई को एसएमएस या ईमेल भेजे भी जा चुके हैं। लेकिन मामला यहीं तक नहीं है। इनकम टैक्स रिटर्न में इस बार एक नया कॉलम जोड़ा गया है जिसमें आपको ये बताना है कि नोटबंदी के दौरान यानी 8 नवंबर से 31 दिसंबर तक कितने पैसे खाते में जमा किए हैं। इतना ही नहीं एनआरआई यानी नॉन रेजिडेंट इंडियन के विदेशों में मौजूद बैंक खातों पर भी नजर रखने के इंतजाम कर दिए गए हैं।


अब इनकम टैक्स रिटर्न के आईटीआर टू में एनआरआई को ये बताना होगा कि विदेशों में जमा खाते में कब और कितना पैसा आया। अधिकांश एनआरआई भारत में अपने निवेश से होने वाली आमदनी के लिए रिटर्न फाइल करते हैं। लेकिन कई मामले ऐसे आए जिसमें एनआरआई टैक्स बचाने के लिए या काला धन छुपाने के लिए जानबूझकर 182 दिन तक विदेश में रह लेते हैं और रकम को अपने विदेशी खाते से हुई आमदनी बता देते हैं लेकिन अब ऐसा करना मुश्किल होगा।