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अब पर्यावरण बिगाड़ने पर जेल नहीं!

प्रकाशित Tue, 08, 2017 पर 09:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पर्यावरण का बचाव शायद इस सदी की सबसे बड़ी चिंता है लेकिन सरकार अब पर्यावरण से जुड़े कानून में ऐसे बदलाव करने जा रही है कि इसे नुकसान पहुंचाने वाले को जेल नहीं हो सकती। हां जुर्माना थोड़ा ज्यादा जरूर लगेगा।


प्रदूषण से देश के हर बड़े शहर का दम घुट रहा है। हवा प्रदूषित, पानी प्रदूषित लेकिन सरकार कानून में ऐसे बदलाव लाने जा रही है कि जिसके पास पैसा है वो पर्यावरण बिगाड़ सकता है। सजा नहीं होगी, बस जुर्माना लगेगा।


जी हां सरकार पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 में संशोधन की तैयारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले सारे मामले अब क्रिमिनल के बजाय सिविल अपराध की श्रेणी में आएंगे। हालांकि जुर्माने की राशि को 100 गुना तक बढ़ाया जाएगा। अभी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर अधिकतम 1 लाख रुपये का जुर्माना और 5 साल की सजा का प्रावधान है। नए कानून में जुर्माना एक करोड़ तक हो सकता है लेकिन सजा नहीं होगी। पर्यावरण के जानकार इस बदलाव के लिए अभी से सरकार की आलोचना कर रहे हैं।


कानून के बदलाव में दलील ये है कि क्रिमिनल केस में मामले लंबे चलते हैं लेकिन सिविल केस होने से मामलों का निपटारा जल्दी होगा और कोर्ट गए बिना भी मुआवजा लेना संभव होगा। मुआवजे की रकम तय करने के लिए सरकार एक विशेषज्ञ समिति बनाएगी। एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या कानून में ये बदलाव नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अधिकारों का हनन नहीं होगा।