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सेबी ने कसा शेल कंपनियों पर शिकंजा

प्रकाशित Tue, 08, 2017 पर 11:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकार ने शेल कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए ऐसी 331 कंपनियों की लिस्ट जारी कर दी है जिसमें कुछ लिस्टेड कंपनिया भी शामिल हैं। सेबी ने 331 शेल कंपनियों की लिस्ट जारी की है। कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय ने शेल कंपनियों की पहचान की थी।


इन कंपनियों में महीने में सिर्फ एक बार ट्रेडिंग होगी। इन कंपनियों में महीने के पहले सोमवार को ही ट्रेडिंग हो पाएगी। निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए 200 फीसदी का मार्जिन रखना होगा और पिछले बंद भाव के ऊपर सौदे नहीं होंगे। साथ ही एक्सचेंज इन कंपनियों के फंडामेंटल्स की जांच करेगा।


इन कंपनियों में गैलेंट इस्पात, जे कुमार इंफ्रा, पिनकॉन स्पिरिट, पार्श्वनाथ डेवलपर्स, प्रकाश इंडस्ट्रीज, एसक्यूएस बीएफएसआई, रोहित फेरो, आरईआई एग्रो और असम कंपनी का नाम शामिल है।


फिनसेक लॉ एडवाइजर्स के सदीप पारेख का कहना है कि बिना शेल कंपनी की परिभाषा तय किए ठीक से चल रही कंपनियों में ट्रेडिंग पर रोक लगाने का फैसला सही नहीं है। सेबी के फैसले से प्रोमोटर्स और निवेशकों को मुश्किल होगी। सेबी की लिस्ट से निकलने के लिए कंपनियों के पास कोई रास्ता नहीं है।


प्राइम डाटाबेस के पृथ्वी हल्दिया का कहना है कि शेल कंपनियों में ट्रेडिंग पर रोक लगाने का फैसला सेबी ने सोच समझकर लिया होगा। वहीं, पिनकॉन स्पिरिट के मैनेजमेंट ने सेबी के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कंपनी का पूरा कारोबार सरकार की निगरानी में हो रहा है ऐसे में सेबी के इस फैसले का क्या आधार है ये समझ नहीं आता। कंपनी के 6 प्लांट चल रहे हैं और कई राज्यों में कारोबार है।


एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी के शर्मा ने सेबी के इस कदम का विरोध किया है। उनका कहना है कि रेगुलेटर को बाजार में लिक्विडिटी रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मार्जिन ज्यादा रख कर महीने में एक बार ट्रेड करना ठीक नहीं और सेबी के निर्णय का तर्क उनकी समझ से परे है।