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ऑक्सीजन सप्लाई रुकी, गोरखपुर में 30 बच्चों की मौत

प्रकाशित Sat, 12, 2017 पर 13:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz


यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर के बीडीआर मेडिकल कॉलेज में सिस्टम की लापरवाही ने 30 बच्चों की जान ले ली है। खबर है कि ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक रुकने से बच्चों की सांसें रुक गईं और उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने बकाया 69 लाख रुपये नहीं मिलने से सप्लाई रोक दी जो बच्चों की मौत का कारण बन गई। इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर सरकार को जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।


इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बर्खास्त कर दिया है। हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से नहीं बल्कि दूसरे कारणों से बच्चों की मौत हुई है।


महज 69 लाख रुपये बकाये के नाम पर मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने अचानक सप्लाई रोक दी। ऐसे में जम्बो सिलेंडरों और अम्बू बैग से मरीजों को बचाने की कोशिश की जाती रही लेकिन शाम होते-होते 21 मासूम इस अव्यवस्था के शिकार हो गए। मेडिकल कॉलेज में ये संकट तब शुरू हुआ, गुरूवार रात को लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में गैस खत्म हो गई। जिसके बाद अस्पताल में कोहराम मच गया। दरअसल दो साल पहले बीडीआर में लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगाया गया था। जिसकी सप्लाई पुष्पा सेल्स करती है लेकिन कॉलेज पर अधिकतम तय बकाया राशि से ज्यादा बकाया होने के कारण कंपनी ने गैस की सप्लाई रोक दी थी।


इस बीच खबर आ रही है कि गोरखपुर के अस्पताल में आज ऑक्सीजन की डिलिवरी हुई है। इसका ऑर्डर कल ही किया गया था। ट्रक से ऑक्सीजन के सिलेंडर लाए जा रहे हैं। इससे राज्य सरकार के इस दावे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें ये कहा गया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है।


गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 33 बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर चौतरफा हमला करते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। 


यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने अस्पताल को चिट्ठी लिखकर बकाया चुकाने को कहा था, इसके बावजूद किसी ने कुछ नहीं किया, ये पूरा मामला सरकार की लापरवाही का है।


कांग्रेस के यूपी प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह ने आज मृत बच्चों के परिजनों और डॉक्टरों से मुलाकात की। गुलाम नबी आजाद ने इसे राज्य सरकार की लापरवाही बताई और स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।