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योर मनीः नौकरी बदलने पर अब नहीं होगा पीएफ का टेंशन

प्रकाशित Sat, 12, 2017 पर 14:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नौकरी पेशा लोगों के लिए प्रॉविडेंड फंड यानी पीएफ का पैसा बड़े काम का होता है। लेकिन जब भी नई नौकरी मिलती है तो अक्सर लोग पैसा निकाल लेते हैं। उन्हें लगता है कि कौन पीएफ खाता ट्रांसफर कराने का झंझट मोल ले। लेकिन क्या ये सोच सही है। योर मनी में आज इसी पहलू पर खास चर्चा होगी। इसपर बात करने के लिए हमारे साथ मौजूद है वाइजइन्वेस्ट एडवाइजर्स के हेमंत रुस्तगी।


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि वैसे आपकी ये उलझन जल्द खत्म होने वाली है। अगले महीने से नौकरी बदलने पर 3 दिन के भीतर पुराने पीएफ खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। नौकरी बदलने पर नए पीएफ खाते में पैसे ट्रांसफर कराने का झंझट नहीं होगी। नौकरी बदलने पर पीएफ अकाउंट अपने आप ट्रासंफर हो जाएगा। आधार कार्ड से बिना अप्लीकेशन दिए पैसा ट्रांसफर होगा। देश में कहीं भी नौकरी बदलने पर ये सुविधा होगी। ईपीएफओ सभी खाते आधार से लिंक करा रहा है। कोई भी नया खाता बिना आधार के नहीं खुलेगा।


हेमंत रुस्तगी ने आगे कहा कि नौकरी बदलने पर पीएफ का पैसा ना निकलवाएं क्योंकि पीएफ का पैसा निकालने से पैसे अक्सर यूं ही खर्च हो जाते हैं। भविष्य की जरूरतों के लिए पीएफ की रकम अहम होती है। घर, बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी में ही पैसे निकलवाएं। सामाजिक सुरक्षा के लिए पीएफ का पैसा बेहद अहम है।


सवाल- 17 लाख रुपये का कर्ज है।  हर महीने की आय 33,000 है।  कुल ईएमआई में 17,120 का खर्च होता है। घर के किराए में 11500 का खर्च है। हालांकि बीएसएल फ्रंटलाइन इक्विटी फंड में 2000 की एसआईपी शुरु है। कुल मिलाकर हर महीने 2380 की बचत हो रही है। कर्ज से छुटकारा कैसे पाएं?


हेमंत रुस्तगीः सोनी की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक है। इस आय से कर्ज से छुटकारा पाना मुश्किल है। ईएमआई समय पर जारी रखने के लिए भी एमर्जेंसी फंड में निवेश की जरूरत है।