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योर मनी: किसे करना चाहिए भारत-22 में निवेश

प्रकाशित Sat, 12, 2017 पर 17:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकारी कंपनियों में निवेश का एक बार फिर सुनहरा मौका है। सरकार ने तीसरी बार पीएसयू ईटीएफ लॉन्च किया है। वित्त मंत्री ने खुद इसका एलान किया। इसका नाम रखा गया है भारत-22 जिसमें 22 दिग्गज कंपनियों में निवेश का मौका मिलेगा।


भारत-22 ईटीएफ में सीपीएसई, पीएसयू बैंक और एसयूयूटीआई की कंपनियां शामिल होंगी। भारत-22 ईटीएफ में 6 सेक्टर भी शामिल होंगे। एनर्जी, फाइनेंस और एफएमसीजी सेक्टर को शामिल किया जाएगा। भारत-22 ईटीएफ में सेक्टोरल शेयर लिमिट 20 फीसदी तय की गई है, जबकि ईटीएफ में कंपनी विनिवेश पर लिमिट 15 फीसदी तय की गई है।


बता दें कि पीएसयू ईटीएफ में अलग-अलग सरकारी कंपनियों के शेयर एक साथ बेचे जाते हैं। सबसे पहले मार्च 2014 में पीएसयू ईटीएफ लॉन्च हुआ था और इसके बाद 2 पीएसयू ईटीएफ और लॉन्च हो चुके हैं।


गौरतलब है कि 22 दिग्गज कंपनियों के ईटीएफ में रिटेल निवेशकों को कम से कम 5000 रुपये लगाना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 10 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। ईटीएफ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई में लिस्ट होगा। लिस्टिंग के बाद आप ईटीएफ की खरीद बिक्री भी कर सकेंगे।


इस बार सरकार ने ईटीएफ के लिए आईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी को फंड मैनेजर नियुक्त किया है। हालांकि इस ईटीएफ के खुलने की तारीख तय नहीं हुई है। पहला सीपीएसई ईटीएफ अप्रैल 2014 में आया था। इस ईटीएफ ने अब तक करीब 10 फीसदी का रिटर्न दिया है।


ये सीधा इक्विटी में निवेश किए बिना शेयर बाजार में उतरने का एक सुनहरा मौका है। ये कब खुलेगा इसका एलान सरकार ने अभी नहीं किया है। ईटीएफ एक तरह का म्यूचुअल फंड है जिसके यूनिट की खरीद-फरोख्त एक शेयर की तरह की स्टॉक एक्सचेंज पर होती है। बड़ा सवाल ये है कि क्या एक रिटेल निवेशक को इसमें पैसा लगाना चाहिए। एक निवेशक के तौर पर आप इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं, और किस तरह के निवेश के लिए ये ईटीएफसही है, योर मनी का फोकस इसी पर है।


भारत-22 ईटीएफ पर गजेंद्र कोठारी की सलाह है कि रिटेल निवेशक इससे दूर रहें, थिमैटिक फंड में निवेश रिस्की होता है। ईटीफ यूनिट की वैल्यू 22 शेयरों के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी। निवेशकों को डाइवर्सिफाइड फंड में निवेश की सलाह है।