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सड़क हादसों में बढ़ोतरी, रफ्तार बनी मौत की वजह

प्रकाशित Wed, 06, 2017 पर 18:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश की सड़कों पर हर घंटे 17 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। ये खुद सरकार कह रही है ज्यादातर जानें तेज रफ्तार, सड़क पर पड़े गडढों से हो रही है और अब एक और यमराज आ गया है जिसे हम मोबाइल कहते हैं।


भारत में हर घंटे सड़क हादसों में 17 लोगों की मौत हो रही है । ये आंकड़ा दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने 2016 में सड़क हादसों पर रिपोर्ट जारी की है जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले साल सड़क हादसों की संख्या तो घटी है लेकिन इसमें मरने वालों की संख्या बढ़ी है। ओवरस्पीडिंग के चलते सड़क हादसे बढ़े हैं। सड़क पर चलते मोबाइल फोन पर बात करना भी लोगों को महंगा पड़ रहा है।


रिपोर्ट के मुताबिक हर घंटे 55 सड़क हादसे होते है जिसमें हर घंटे 17 मौतें होती है। साल 2016 में देश में 4,80,652 सड़क हादसे हुए थे जिसमें 1,50,785 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। एक दिन में सड़क हादसों से 418 मौतें हुई है। इन सड़क हादसों में 52,500 टू-व्हीलर चालकों की मौत हुई है। हेलमेट नहीं पहनने से 10,132 चालकों की मौत 2016 में 1,50,785 लोगों ने सड़क पर जान गंवा देते है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर सड़क हादसे ओवरस्पीडिंग और मोबाइल पर बात करने के कारण हुए है।


वहीं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सरकार हादसों को रोकने के लिए ठोस प्लान तैयार कर रही है। उन्होंने कहा इसके लिए रोड सुरक्षा समिति बनाई जा रही है।