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इलेक्ट्रिक कारों का आएगा जमाना!

प्रकाशित Fri, 08, 2017 पर 08:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ऑटो कंपनियों के लिए आने वाला वक्त मुसीबत भरा हो सकता है। सियाम के वार्षिक समारोह में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि वो पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों का बैंड बाजा बजा देंगे। गडकरी ने कहा कि जो कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स में बदलाव नहीं करेंगी उन्हें आने वाले दिनों में मुश्किल होगी।


हांलाकि यहां पर 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को हटाने की मांग भी उठी है। इसके लिए सियाम ने सरकार से ऑटो सेक्टर रेगुलेशन के लिए बोर्ड के गठन की मांग भी दोहराई है। सियाम ने कहा है कि प्रदूषण पर रोक के लिए ऑटो मैन्यूफैक्चर्रस बीएस 6 एमिशन मानकों पर काम कर रहे हैं। साथ ही सियाम ने साफ किया है कि रीकॉल का पूरा डाटा पब्लिक में रखा जाएगा। इसके अलावा सियाम के वार्षिक समारोह में ईलेक्ट्रिक व्हिकल और लग्जरी गाड़ियों पर सेस बढ़ाने पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। जहां इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर ऑटो इंडस्ट्री उत्साहित दिखी वहीं, लग्जरी गाड़ियों पर बढ़ते सेस से परेशान दिखी।


सियाम के इस वार्षिक समारोह में ऑटो कंपनियों को गडकरी की खरी-खरी भी सुनने को मिली। उन्होंने कहा कि मेरी पॉलिसी एकदम साफ है। पेट्रोल, डीजल कार बनाने वालों का बैंड बाजा बजेगा। ऑटो कंपनियों को बदलना चाहिए, जो कंपनियां बदलेंगी वो फायदे में रहेंगी, जो कंपनियां नहीं बदलेंगी उन्हें मुश्किल होगी। सरकार की 15 नई इंडस्ट्रीज बनाने की योजना है। आगे सेकंड जेनेरेशन इथेनॉल बनाया जाएगा। एग्रो बेस्ड चीजों को सेकंड जेनेरेशन इथेनॉल में बदलना मुमकिन है। बायोमास से मिथेन निकाल कर बायो सीएनजी बनाई जा सकती है। कम लागत और कम प्रदूषण की तरफ कदम उठाना जरूरी है।


गौरतलब है कि लग्जरी कारों पर सेस लगाने से भले ही इंडस्ट्री नाराज हो, लेकिन केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का मानना है कि सेस लगाने के बावजूद गाड़ियों की बिक्री बढ़ी है।


जानकारों का मानना है कि अब इलेक्ट्रिक कारों का जमाना आएगा। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी। 2040 तक 3 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन बिकने की उम्मीद है। अभी भारत में 1000 लोगों पर 20 कारें हैं वहीं अमेरिका में 1000 लोगों पर 800 कारें हैं। वित्त वर्ष 2017 में सिर्फ 25000 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं। वहीं बुनियादी सुविधआओं की बात करें तो भारत में सिर्फ 206 कम्युनिटी चार्जिंग स्टेशन हैं।


इस बीच इलेक्ट्रिक कारों को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। एमएंडएम की इलेक्ट्रिक वाहनों पर 600 करोड़ निवेश करने की योजना है। मारुति, ह्युंदई, टाटा मोटर्स भी इलेक्ट्रिक वाहन लाएंगी। टाटा टियागो का इलेक्ट्रिक वर्जन आ सकता है। ह्युंदई 2019 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बनाएगी।