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लग्जरी कारों पर सेस बढ़ाने की उम्मीद, बढ़ी बुकिंग

प्रकाशित Sat, 09, 2017 पर 13:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज हैदराबाद में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में लग्जरी कार पर सेस बढ़ाने का फैसला हो सकता है। सीएनबीसी-आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक लग्जरी कार पर एक ही बार में सेस 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी किए जाने की संभावना नहीं है। आज की बैठक में लग्जरी कार, एसयूवी पर अधिकतम 5 से 7 फीसदी सेस बढ़ाने की संभावना है, एक ही बार में सेस 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी नहीं किया जाएगा। सिर्फ 15 फीसदी सेस वाली कार, एसयूवी पर ही सेस बढ़ेगा। अलग सेगमेंट की कार पर सेस में अलग-अलग बढ़ोतरी की जाएगी।


जीएसटी काउंसिल की आज होने वाली इस अहम बैठक में छोटे कारोबारियों को भी राहत संभव है। इस बैठक में करीब 30 चीजों पर टैक्स की मौजूदा दरों की समीक्षा की जाएगी। जिसके तहत 20 इंच के कंप्यूटर मॉनिटर पर दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने, रबर बैंड पर दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने, कस्टर्ड पाउडर पर दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने और साड़ी के फॉल पर दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की उम्मीद है। इसके अलावा ब्रांडेड फूड प्रोडक्ट पर जीएसटी के नियमों में बदलाव मुमकिन है।


वहीं सेस लगने से एसयूवी और सेडान जैसी गाड़ियां महंगी हो जाएंगी। यही वजह है कि बाजार में इनोवा, होंडा सिटी और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों की मांग अचानक से बढ़ गई है। अगर आप सेडान या एसयूवी खरीदने की सोच रहे हैं तो जल्दी खरीदना आपके लिए फायदेमंद होगा। अगले कुछ दिनों में इनोवा, होंडा सिटी और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां महंगी हो सकती हैं।


जीएसटी काउंसिल एसयूवी और सेडान गाड़ियों पर सेस 15 फीसदी से बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए जीएसटी काउंसिल कम्पनसेशन लॉ में बदलाव करेगा। सेस में बढ़ोतरी 5-7 फीसदी तक की जा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक बढ़ा हुआ सेस लागू होने के बाद इनोवा क्रिस्टा करीब 60 से 70 हजार रुपये तक मंहगी हो जाएगी। वहीं फॉर्च्यूनर की कीमत भी 1 से डेढ़ लाख रुपये तक बढ़ जाएगी। कार डीलर्स के मुताबिक लिमिटेड स्टॉक की वजह से कुछ गाड़ियों की बुकिंग बंद भी की जा चुकी है।


गाड़ियों की बढ़ती मांग की वजह से ह्युंदई, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियों के शोरूम में एसयूवी और सेडान कारों का वेटिंग पीरियड भी 1 महीने तक बढ़ गया है। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर आप आज गाड़ी बुक कराते हैं लेकिन डिलीवरी एक महीने बाद मिलती है तो आपको बिलिंग डेट वाले दिन के मुताबिक ही टैक्स देना होगा। यानी उस दौरान अगर सेस बढ़ जाता है तो आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। कार डीलर्स का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद गाड़ियों की बिक्री में जो ग्रोथ देखने को मिली थी वो सेस बढ़ने के बाद थम सकती है।