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महंगी होंगी लग्जरी कारें, 40 सामानों पर जीएसटी रेट बदले

प्रकाशित Mon, 11, 2017 पर 08:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

होंडा सिटी, टोयोटा फॉरच्यूनर जैसी गाड़ियों से लेकर लग्जरी गाड़ियां महंगी होने जा रही है। जीएसटी काउंसिल ने लग्जरी, एसयूवी कारों पर सेस बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि 1200 सीसी तक की पेट्रोल कार और 1500 सीसी डीजल कार के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा यानी छोटी कार खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। साथ में करीब 40 आइटम पर टैक्स घटाने का भी फैसला हुआ है।


वित्त मंत्री ने इसकी जानकार देते हुए बताया कि छोटी कारों के जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जबकि पहले संभावाना जताई जा रही थी कि काउंसिल गाड़ियों पर लगने वाले सेस में इजाफा कर सकती है। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटी कार खरीदने वालों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।


जेटली ने कहा कि 1200 सीसी पेट्रोल कार और 1500 सीसी डीजल कार के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि काउंसिल ने तय किया है कि मिड साइज कारों के सेस में 2 फीसदी का इजाफा होगा। वहीं बड़ी कारों पर सेस 5 फीसदी बढ़ाया गया है। एसयूवी पर 7 फीसदी सेस बढ़ाया गया है। 13 सीटर वीइकल पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


ऑटो इंडस्ट्री में सेस बढ़ने से निराश दिखी है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी औ सीईओ रोलैंड फोल्गर ने कहा कि लग्जरी कारों पर अब सेस बढ़ाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। इंडस्ट्री में लग्जरी कारों का योगदान कम है लेकिन टर्नओवर के लिहाज से बढ़ा है। सेस बढ़ने से कीमतें बढ़ेंगी जिससे डिमांड और रेवेन्यू पर खासा असर पड़ेगा। वहीं जैगुआर लैंड रोवर इंडिया के एमडी रोहित सूरी ने कहा कि सेस बढ़ने से डिमांड पर असर होगा। इनवेस्टमेंट और रोजगार पर भी असर संभव है। हांलाकि इस बात की खुशी है कि जीएसटी काउंसिल ने इंडस्ट्री की चिंताओं का ध्यान रखा है और सेस में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की है। उधर वहीं खेतान एंड कंपनी के अभिषेक रस्तोगी का कहना है कि लग्जरी कारों पर सेस बढ़ने से उनकी बिक्री और डिमांड पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


कारनेशन ऑटो के सीएमडी जगदीश खट्टर का कहना है कि सेस बढ़ने से गाड़ियों की बिक्री पर खास असर नहीं पड़ेगा। ह्युंदई इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार को त्योहारों से ठीक पहले सेस नहीं बढ़ाना चाहिए था। उनका कहना है कि सेस बढ़ने से ह्युंदई की क्रेटा, वरना महंगी हो जाएंगी।


बता दें कि कारों के अलवा दूसरे 40 सामान ऐसे हैं जिन पर जीएसटी रेट में बदलाव हुए हैं। जैसे, कमोबेस सभी ब्रांडेड फूड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। 15 मई, 2017 तक जो ब्रांड रजिस्टर्ड होंगे उनके फूड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। कॉपीराइट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड ब्रांड पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। किसी ब्रांड के नाम पर अगर कोई दावेदारी बनती है तो भी 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। 20 इंच तक के कंप्यूटर मॉनिटर पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है। कस्टर्ड पाउडर पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है।


साड़ी फ़ॉल पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया। खादी भंडार में मिलने वाले सभी तरह के खादी फैब्रिक पर जीएसटी खत्म किया गया है जो पहले 5 फीसदी था। प्लास्टिक रैन कोट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है। धूपबत्ती जैसी पूजा सामग्री पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। रफ डायमंड पर जीएसटी 3 फीसदी से घटाकर 0.25 फीसदी किया गया है। किचन के आइटम, बाथरूम या टॉयलेट में लगने वाले सामान पर जीएसटी की दर 12 फीसदी की गई है।


ये भी बता दें कि जीएसटीएन में दिक्कतों की वजह से जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न भरने की तारीख आगे बढ़ा दी है। काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया जीएसटीआर 1 फाइल करने की तारीख 10 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। इस पर पीडब्ल्यूसी के पार्टनर प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि ट्रांजेक्शन टैक्स होने के कारण जीएसटी नेटवर्क की पहले से पूरी तरह टेस्टिंग करना मुश्किल था लेकिन अब सरकार को जल्द से जल्द गल्तियों को सुधारना चाहिए।