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योर मनी: एनपीएस बनेगा रिटायरमेंट का सहारा!

प्रकाशित Wed, 13, 2017 पर 18:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटायरमेंट के लिहाज से 2 अच्छी खबरें है। पहली प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए भी टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है। पहले ये 10 लाख थी। इसके अलावा एनपीएस यानि नेशनल पेंशन स्कीम की। राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत लाभ पाने वालों के लिए खुशखबरी है। अब इस स्कीम में 60 साल के बजाए 65 साल तक निवेश किया जा सकेगा। तो रिटायरमेंट के लिए एनपीएस कितनी जरूरी है अगर आप एनपीएस का फायदा उठाना चाहते हैं तो किस तरह से आपको करनी होगी रिटायरमेंट की प्लानिंग। इसी पर आज योर मनी में होगा फोकस और इसी पर होगी विस्तार से बातचीत, तो इसी पर बातचीत करने के लिए हमारे साथ हैं एल जे बिजनस स्कूल की सीईओ और सीएफपी पूनम रूंगटा


अब इस स्कीम में 60 साल के बजाए 65 साल वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं यानी एनपीएस में अभी तक 18 से 60 वर्ष के उम्र के लोग शामिल होते हैं। बोर्ड ने उम्र सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष तक करने को मंजूरी दे दी है इस उम्र सीमा को बढ़ाने के पीछे तर्क ये दिया गया है कि ऐसे सेक्टर के लिए पेंशन योजना शुरू करना मकसद है जहां पर ये उपलब्ध नहीं है।


पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलेपमेंट अथॉरिटी यानि पीएफआरडीए ने सीनियर सिटिजन्स से मिले सुझावों पर ये बदलाव किया है जिसके तहत अब 70 साल तक निवेश जारी रखा जा सकता है जिसके लिए सालाना 6,000 रुपये का न्यूनतम निवेश जरूरी होगा। ये अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों को पेंशन स्कीम से जोड़ने की पहल है। सुपर-एन्युटी फंड के एनपीएस ट्रांसफर के लिए सीबीडीटी से मंजूरी का इंतजार है।


नेशनल पेंशन स्कीम की बात करें तो ये रिटायरमेंट के लिए निवेश का अच्छा विकल्प है। पहले ये स्कीम सरकारी कर्मचारियों के लिए आई थी। अब कोई भी निवेशक स्कीम में निवेश कर सकता है।


एनपीएस से इक्विटी, बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश होता है। इसमें इक्विटी में ज्यादा से ज्यादा 50 फीसदी का निवेश का विकल्प है। 35 साल की उम्र तक इक्विटी में निवेश के दो और विकल्प हैं। 35 साल की उम्र तक इक्विटी में 75 फीसदी या 25 फीसदी निवेश के विकल्प हैं।


एनपीएस निवेश पर टैक्स की बात करें तो स्कीम से निकाले गए 40 फीसदी पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता। एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। ईपीएफ से एनपीएस में ट्रांस्फर करने के लिए एनपीएस टीयर-1 अकाउंट खोलना होता है। ईपीएप ट्रांसफर के लिए अर्जी देनी होती है। इसके बाद ईपीएफओ कंपनी को फंड ट्रांसफर करने को कहेगा। उसके बाद एनपीएस में पीओपी के जरिए फंड ट्रांसफर हो जाता है।


क्या ईपीएफ से एनपीएस में निवेश सही है? इस सवाल की बात करें तो एनपीएस में निवेश रिटायरमेंट में बचे समय पर निर्भर करता है। ईपीएफ में पूरी तरह टैक्स छूट मिलती है। वहीं एनपीएस में 80सी और 80सीसीडी के तहत टैक्स छूट मिलती है। ईपीएफ में सिर्फ 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।