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जापान से मिला तोहफा, कैसे दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन

प्रकाशित Thu, 14, 2017 पर 18:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

भारत ने बुलेट ट्रेन की तरफ आज पहला अहम कदम बढ़ा दिया है। आज अहमदाबाद में इसकी आधारशिला रखी गई और 2022 तक इसे हकीकत बनना है। बुलेट ट्रेन के हकीकत बनने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां बुलेट ट्रेन जिंदगी की रफ्तार का हिस्सा हैं।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बुलेट ट्रेन को ट्रैक पर ला दिया है। पीएम मोदी के सपनों की ट्रेन 15 अगस्त 2022 को हकीकत बन जाएगी। और मुंबई-अहमदाबाद के बीच 7 घंटों का सफर तीन घंटे में कम में सिमट कर रह जाएगा। अहमदाबाद के साबरमती से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स तक बुलेट ट्रेन करीब 508 किलोमीटर लंबा सफर तय करेगी ।


बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की लागत करीब एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये है। इसमें से जापान करीब 80 फीसदी प्रोजेक्ट की फंडिंग करेगा। जापान भारत को सिर्फ 0.1 फीसदी की ब्याज दर पर करीब 88,000 करोड़ रुपये का लोन देगा और ये लोन 50 साल में चुकाना होगा। यानि एक तरह से कहें तो बुलेट ट्रेन फ्री में भारत आ रही है ।


बुलेट ट्रेन ना सिर्फ दो शहरों के बीच ट्रैवल टाइम घटाएगी बल्कि इससे रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से करीब 15 लाख नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इतना ही नहीं हाई स्पीड रेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट करीब 4 हजार टेक्निकल स्टाफ को ट्रेनिंग देगा ।


हालांकि अभी बुलेट ट्रेन के किराया तय नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि इसका किराया करीब 3 हजार रुपये हो सकता है।


1853 में देश की पहली ट्रेन चली थी मुंबई से ठाणे के बीच तो देश में ट्रांसपोर्ट क्रांति की शुरुआत थी। दूसरी क्रांति होगी अगस्त 2022 में जब देश की पहली बुलेट ट्रेन चलेगी अहमदाबाद से मुंबई के बीच। बुलेट ट्रेन अपना ये सफर 3 घंटे के अंदर ही तय करेगी। जाहिर है इसके लिए जो पूरा रूट बनेगा उससे किसी कमी की गुंजाइश नहीं रह सकती। आइये आपको दिखाते हैं कि बुलेट ट्रेन का ये सफर पूरा करने के लिए क्या क्या किया जाएगा।


15 अगस्त, 2022 (टेक्स्ट में टाइप करके आए), ये वो तारीख है जब आप अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स के लिए बुलेट ट्रेन में बैठ सकेंगे। और इसकी गोली जैसी रफ्तार आपको तीन घंटे से कम में आपकी मंजिल तक पहुंचा देगी।


बुलेट ट्रेन में एक बार में करीब 750 यात्री सफर कर सकेंगे। इसकी टॉप स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी जबकि इसकी औसत स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। आपके सफर में कोई रुकावट ना आए इसलिए बुलेट ट्रेन का 92 फीसदी रूट एलिवेटेड होगा। जबकि 6 फीसदी हिस्सा टनल के अंदर से होकर जाएगा। बुलेट ट्रेन के रास्ते में कुल 21 किलोमीटर लंबी टनल बनेगी जिसमें से 7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के अंदर से होकर गुजरेगा।  


देश की सबसे लंबी 21 किलोमीटर लंबी टनल बोइसर से बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स के बीच बनाई जाएगी। यानि इसमें कोई दो राय नहीं कि बुलेट ट्रेन में आपका सफर सुहाना होने वाला है। अहमदाबाद से मुंबई के बीच कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं।


ये स्टेशन हैं साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरुच, सूरत बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स। इसमें से 8 स्टेशन गुजरात में जबकि चार स्टेशन मुंबई में हैं। बुलेट ट्रेन गुजरात में 351 किलोमीटर जबकि मुंबई में 156 किलोमीटर लंबा सफर तय करेगी ।


शुरुआत में एक बुलेट ट्रेन में 10 कोच होंगे जिसमें 750 यात्री सफर कर सकेंगे। बाद में कोच की संख्या को 16 तक बढ़ाया जा सकता है । जिसमें 1200 लोग सफर कर पाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक बुलेट ट्रेन के जरिए सालाना करीब डेढ़ करोड़ लोग सफर करेंगे। जबकि 2050 तक करीब डेढ़ लाख लोग रोजाना बुलेट ट्रेन से सफर करेंगे।


पूरी दुनिया में सिर्फ उंगली पर गिनने लायक देश हैं जिनके पास बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार वाले ट्रांसपोर्ट के साधन हैं। बुलेट ट्रेन की शुरुआत हुई थी जपाना में और आज भी जापान की बुलेट ट्रेन रफ्तार और तकनीकी तौर पर दुनिया की सबसे बेहतरीन बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी में से एक है। इसीलिए भारत ने भी बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान को अपना पार्टनर चुना है।