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नोटबंदी के बावजूद बढ़ी सेकेंड हैंड कारों की बिक्री

प्रकाशित Thu, 14, 2017 पर 19:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी और जीएसटी के झटके के बावजूद सेकेंड हैंड कार बाजार ने इस साल अभी तक अच्छी ग्रोथ दिखाई है। बिक्री के मामले में सेकेंड हैंड कारों ने नई कारों को पीछे छोड़ दिया है। महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस के एक सर्वे के मुताबिक इस साल 30 लाख नई कारें बिकी हैं जबकि 36 लाख सेकेंड हैंड कारें बिकी हैं।


सेकेंड हैंड कार बजार की दिग्गज कंपनी महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस ने इंडियन ब्लू बूक नाम से रिपोर्ट जारी की है। जिसके अनुसार देश में सेकेंड हैंड कार बाजार इतना बड़ा है कि पहली बार कार खरीदने वालों में से 60 फीसदी लोग यूज्ड कार खरीदते हैं। इनमें 4 लाख के रेंज में बिकने वाली गाड़ियों की संख्या 70 फीसदी है। और टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप के लिहाज से छोटी गाड़ियों में ह्युंदई ग्रांड i10 और स्विफ्ट बेस्ट कार है।


लेकिन सरकार के दो बड़े कदमों ने ग्रोथ की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। नोटबंदी की वजह से सेकेंड हैंड कार बाजार 6 फीसदी घटा है। इसके अलावा जीएसटी में क्लियारिटी नहीं होने से भी दिक्कतें आईं हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब करीब 70 फीसदी राज्यों में पुरानी कारों पर डीलरों को दोगुना टैक्स भरना पड़ रहा है।


पुरानी कारों के कारोबार में ऑर्गनाइज्ड सेक्टर का हिस्सा भी बढ़ रहा है। पीछले साल के 12 फीसदी से बढ़कर ये अब 15 फीसदी हो गया है। और इंडस्टरी को अम्मीद है कि 2020 तक ग्रोथ बढ़कर 20 फीसदी हो जाएगी।