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कॉरपोरेट इंडिया के दिग्गजों को मोदी पर भरोसा

प्रकाशित Thu, 05, 2017 पर 12:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का आज दूसरा दिन है और कॉरपोरेट इंडिया के जाने-माने दिग्गज इस समिट हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों पर दिग्गजों ने पूरा भरोसा जताया है और मुश्किलें जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई है।


इस मौके पर भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक मजबूत नेता के रूप में उभर कर सामने आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को एक नई उम्मीद दी है। दुनियाभर के देशों में आर्थिक दिक्कतें हैं। बाकी देशों के मुकाबले भारत बेहद मजबूत स्थिति में है।


एचसीसी के एमसीडी अजीत गुलाबचंद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी में दिक्कतें दूर करने की क्षमता है। प्रधानमंत्री के भरोसे और काम से इकोनॉमी मजबूत होगी।


नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसलों की वजह से आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार धीमी हुई है लेकिन कॉरपोरेट इंडिया को पूरा भरोसा है कि इस छोटे झटके बाद ग्रोथ की रफ्तार फिर से तेज होगी। सीएनबीसी- आवाज़ से खास बातचीत में वेलस्पन ग्रुप की दिपाली गोयनका ने कहा कि हालात सुधारने के लिए जीएसटी से जुड़ी कुछ दिक्कतों को दूर किया जाना जरूरी है। कई बदलाव की वजह से ग्रोथ धीमी हुई है, ग्रोथ तेज होने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। जीएसटी की दिक्कतों को दूर करने से हालात सुधरेंगे। भारत जैसी इकोनॉमी के लिए बदलाव जरूरी है।


उधर रिजर्व बैंक ने भले ही ग्रोथ का अनुमान घटाया हो लेकिन कॉरपोरेट इंडिया को आगे अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन अदि गोदरेज का कहना है कि जीएसटी के कारण दूसरी छमाही इकोनॉमी तेजी से बढ़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर जीएसटी का अच्छा असर देखने को मिलेगा। निवेश बढ़ाने के लिए दरों में कटौती करना जरूरी है।


आईटी सेक्टर पर बात करते हुए इंफोसिस के पूर्व वाइस चेयरमैन  क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि कई चुनौतियों के कारण आईटी सेक्टर में थोड़ी सुस्ती आई है लेकिन अभी भी ग्रोथ अच्छी है। आईटी सेक्टर में रोजगार बढ़ रहे हैं।


वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर भी पहुंचे। पेटीएम की आगे की योजनाओं पर सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वॉलेट इंटरपोर्टबिलिटी अच्छा कदम है। वॉलेट इंटरपोर्टबिलिटी को लेकर पेटीएम उत्साहित है। पेटीएम को पेमेंट बैंक से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि अगस्त 2016 से मार्च 2017 के बीच पेमेंट बैंक को 31 करोड़ का नुकसान हुआ है, फिर भी पेमेंट बैंक के नुकसान से विचलित नहीं हैं। पेमेंट बैंक को आगे अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। मार्च 2018 तक 31 ब्रांच खोलने का इरादा है। वॉलेट इंटरपोर्टबिलिटी को बढ़ावा मिलना चाहिए। इस पर आरबीआई का फैसला का स्वागत योग्य है। वॉलेट इंटरपोर्टबिलिटी लागू करना मुश्किल नहीं है। पेटीएम के डिजिटल कार्ड को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।


वहीं इस समिट में आए वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने एक्सपोर्ट्स को एक बार फिर भरोसा दिलाया की उनकी दिक्कतें दूर की जाएंगी।