Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

फेस्टिव सीजन में ज्वैलरी स्टोर्स से खरीदार गायब!

प्रकाशित Thu, 05, 2017 पर 16:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जिस फेस्टिव सीजन का इंतजार ज्वैलर्स साल भर करते हैं वो इस बार उनके लिए फीका साबित हो रहा है। ज्वैलर्स के मुताबिक जीएसटी और केवाईसी नियमों की वजह से इस बार दशहरा पर उनकी बिक्री पिछले साल के मुकाबले 70 फीसदी तक घट गई और अब धनतेरस और दिवाली पर मंदे कारोबार के बादल मंडरा रहे हैं।


त्योहारों का मौसम जारी है लेकिन ज्वैलर्स के चमचमाते शोरूम खाली पड़े हैं। वैसे तो हर साल नवरात्र शुरू होते ही सोने-चांदी की खरीदारी शुरू हो जाती थी लेकिन इस बार नवरात्र और दशहरा पर खरीदार बाजार से गायब रहे।


आकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में इस दशहरा मुश्किल से 50 करोड़ रुपये की ही ज्वैलरी बिक पाई जबकि पिछले साल ये आंकड़ा 175 से 200 करोड़ रुपये था। यानी बिक्री में 70 से 75 फीसदी तक गिरावट आई है। दिल्ली के चांदनी चौक में मशहूर होलसेल बाजार कूचा महाजनी में भी ज्वैलर्स की बिक्री 60 से 70 फीसदी तक गिरी है। देश के दूसरे शहरों में भी कमोबेश यही हाल है।


ज्वैलर्स की मानें तो बिक्री में गिरावट की शुरुआत नोटबंदी से ही हो गई थी और जीएसटी लागू होने के बाद बाजार में मंदी छा गई। ज्वैलर्स के मुताबिक जीएसटी और पीएमएलए एक्ट की वजह से लोग ज्वैलरी खरीदने से बच रहे हैं। दरअसल सरकार ने 50 हजार रुपये से ज्यादा ज्वैलरी खरीदने पर केवाईसी जरूरी कर दिया है, इसका उल्लंघन करने पर पीएमएसए एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। दशहरे की मंदी को देखते हुए ज्वैलर्स को अब दिवाली से भी कम ही उम्मीदें हैं। इसलिए ज्वैलर्स ने सोने-चांदी का स्टॉक रखना कम कर दिया है।