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आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: काम का नया ड्रीम डेस्टिनेशन वीवर्क

प्रकाशित Sat, 07, 2017 पर 16:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

खूबसूरत डिजाइन, आलिशान कॉनफ्रेंस रूम, वेलनेस रुम, शानदार पैंट्री ये किसी 5 स्टार होटल की सुविधआएं नहीं हैं, बल्की यहां एक ऐसे ऑफिस स्पेस की बात हो रही है जहां आप काम दुगनी एनर्जी के साथ कर पाएंगे। वैसे एसी आलिशान सुविधाएं बहुत कम कंपनियां ही अफोर्ड कर पाती हैं लेकिन एक ग्लोबल स्टार्टअप है जो आपको ये सभी सुविधाए दे रहां हैं। काम का नया ड्रीम डेस्टिनेशन वीवर्क खुला है मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में।


जैसे जैसे कमर्शियल प्रॉपर्टी के दाम बढ़ते जा रहे है वैसे वैसे छोटे आंत्रप्रेन्योर, स्टार्टअप और फ्रीलांसर को वर्किंग स्पेस कि तरफ रुख कर रहे है। वैसे आने वाले दिनों में 50 फीसदी वर्कफोर्स मिलेनियल्स की होगी और 70 फीसदी मिलेनियल्स बडे शहरों में रहेंगे और यहीं मिलेनियल्स मानते है की ऑफिस स्पेस खरीदने से अच्छा है की को वर्किंग स्पेस से काम किया जाऐ।उनका कहना है की को वर्किंग स्पेस में पैसा और वक्त दोनों बचता है।


ना सिर्फ छोटे आंत्रप्रेन्योर, स्टार्टअप और फ्रीलांसर बल्कि बड़े-बड़े कार्पोरेट्स जैसे डिस्कवरी चैनल भी इस प्लग एंड प्ले मॉडल का फायदा उठा रहें है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट जेएलएल इंडिया के अनुसार को वर्किंग स्पेस को 40-50 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है और साल के अंत तक 400 मिलियन डॉलर का निवेश हो सकता है और इसी सब को देख कर अमेरिका की को वर्किंग स्पेस लीडर वीवर्क ने भारत का रुख किया है।  वीवर्क ऑपरेशन के अपने पहले वर्ष के अंत तक कुल 12,000 फुटबॉल मैदानों के बराबर 700,000 वर्ग फुट की एरिया को तैयार कर रहीं हैं। कंपनी अगले 4 सालों में पूरे भारत में कम से कम 6 मिलियन वर्ग फीट की को वर्किंग स्पेस खड़ी करना चाहती हैं जिसके के लिए वी वर्क महानगरों के बाद अहमदाबाद, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में भी विस्तार करेगी।


वीवर्क आपको सिर्फ काम करने की जगह नहीं देता बल्की पेरोल, लीगल, आईटी सपोर्ट, पेमेंट प्रोसेसिंग, एजूकेशन और ट्रेनिंग जैसी सेवाए भी मुहैय्या कराता हैं। वी वर्क अभी बार नाइट्स, स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस, आर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा छोटे आंत्रप्रेन्योर, स्टार्टअप, फ्रीलांसर और बड़े कॉपोर्रेट्स को आकर्षित कर सकें।