Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

जीएसटी में बदलाव, राहत या पेंच अभी बाकी!

प्रकाशित Mon, 09, 2017 पर 15:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी काउंसिल ने कई अहम फैसले किए हैं। काउंसिल ने 27 आइटम्स की जीएसटी दरों को कम किया है। जबकि एक्सपोर्टर्स की दिक्कत खत्म करने के लिए जल्दी रिफंड देने का फैसला किया है। 10 अक्टूबर से जुलाई महीने का और 18 अक्टूबर से अगस्त महीने का रिफंड मिलना शुरू होगा। इसके अलावा एक अप्रैल 2018 से एक्सपोर्टर्स के लिए ई-वॉलेट शुरू किया जाएगा।


काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। स्कीम के तहत ट्रेडर्स 1 फीसदी, मैन्युफैक्चरर्स 2 फीसदी और रेस्टोरेंट 5 फीसदी टैक्स देंगे। इसके अलावा अब 1.5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले कारोबारी 3 महीने में रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ई-वे बिल भी एक अप्रैल 2018 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को भी जीएसटी काउंसिल ने 31 मार्च 2018 तक टाल दिया है। 


चौतरफा दबाव के बाद जीएसटी काउंसिल ने छोटे कारोबारियों से लेकर एक्सपोर्टर तक को कुछ राहत देने वाले फैसला किया हैं। सरकार ने 1.5 करोड़ सालाना टर्नओवर वालों छोटे कारोबारियों को रिटर्न में राहत दी है। जिसके चलते अब उन्हें हर महीने फाइल ना करते हुए अब 3 महीने में रिटर्न भरना होगा।


वहीं सरकार ने ज्वेलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग कानून यानि पीएमएलए के दायरे से बाहर किया है। साथ ही अब 50,000 रुपये से ज्यादा खरीद पर पेनकार्ड दिखाना जरूरी नहीं है। जानकारों का मानना है कि सरकार की इस फैसला तनिष्क, टीबीजेड, पीसी ज्वेलर्स के लिए राहत भरा होगा।
 
बता दें कि इससे पहले 50,000 रुपये से ऊपर की ज्वेलरी खरीदारी पर पेन दिखाना जरुरी था। लेकिन जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख से ऊपर की ज्वेलरी खरीद पर पैन दिखाना जरुरी कर दिया गया है। इसके अलावा कंपोजीशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। पहले कंपोजिशन में 1 से 5 फीसदी टैक्स देना होता है। हालांकि सरकार ने रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म पर 31 मार्च 2018 तक फैसला टाला गया है।


जीएसटी में बदलाव को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी की बैठक में जीएसटी के 27 आइटम में बदलाव किए गए है। सरकार ने एक्सपोर्टरों की दिक्कतों पर भी चर्चा की है। जिसके तहत हर एक्सपोर्टर का एक ई-वॉलेट बनाया जाएगा और टैक्स रिफंड को लेकर सरकार नई व्यवस्था बना रही है।


उन्होंने आगे कहा कि एक्सपोर्टरों को छूट के 3 हिस्से मिलेगे और ई- वॉलेट में एडवांस रिफंड दिया जाएगा। सरकार की ई-वे बिल को 1 अप्रैल से लागू करने की कोशिश होगी। ई-वॉलेट आने तक एक्सपोर्ट पर 0.1 फीसदी जीएसटी वसूली जाएगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आगे कहा कि अब तक जीएसटी में 26 लाख नए टैक्सपेयर जुड़े है। जिनमें बड़े कारोबारियों से ज्यादा टैक्स मिला है।


बता दें कि जीएसटी में पूराने टैक्स की दरों में बदलाव करते हुए टैक्स की दरों में कटौती की गई है। मैंगो स्लाइस पर 12 फीसदी से घटकर 5 फीसदी, सिंघाड़ा में 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी और खाकरा में 12 फीसदी से घटकर 5 फीसदी टैक्स के दायरे में लाया गया है।


ज्वेलरी कारोबारियों को भी सरकार ने दिवाली गिफ्ट दे दिया है। सरकार ने ज्वेलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग कानून यानि पीएमएलए के दायरे से बाहर किया है।  साथ ही अब 50,000 रुपये से ज्यादा खरीद पर पेनकार्ड दिखाना जरूरी नहीं है। जानकारों का मानना है कि सरकार की इस फैसला तनिष्क, टीबीजेड, पीसी ज्वेलर्स के लिए राहत भरा होगा।