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एनपीएस में निवेश, किसे मिलेगा फायदा

प्रकाशित Thu, 12, 2017 पर 09:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी का फोकस आज एनपीए पर है। सभी जानते है कि रिटायरमेंट के लिहाज से एनपीए यानि नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश करना चाहिए। लेकिन कई तरह की उलझनों के चलते एनपीए में निवेश नहीं कर पाते। साथ ही अधिकतर लोग टैक्स बचाने के लिए एनपीए में निवेश करते है। योर मनी आज आपको बताएंगा कि टैक्स बचाने के अलावा लक्ष्य के तहत इसमें निवेश करना चाहते है तो यह बेहतर विकल्प साबित होगी। हमारे साथ मौजूद हैं फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरुवाला।


नेशनल पेंशन स्कीम रिटायरमेंट के लिए निवेश का अच्छा विकल्प है। ये स्कीम पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए आई थी। लेकिन अब कोई भी निवेशक इस स्कीम में निवेश कर सकता है।


इस स्कीम में निवेश के लिए एनपीएस अकाउंट खोलना पड़ता है। अकाउंट खुलवाने के बाद परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर मिलता है। इस स्कीम के लिए सबसे पहले टियर-1 अकाउंट खोलना होता है। टियर-1 अकाउंट से आप पैसे निकाल नहीं सकते हैं। टियर-1 अकाउंट खोलने के बाद टियर-2 अकाउंट खुलवा सकते हैं।


नेशनल पेंशन स्कीम के 8 फंड मैनेजर हैं। हरेक फंड मैनेजर 3 फंड मैनेज करता है। निवेशक एक ही फंड मैनेजर का चुनाव कर सकते हैं।


एनपीएस से इक्विटी, बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश होता है। इक्विटी में ज्यादा से ज्यादा 50 फीसदी निवेश का विकल्प है। 35 साल की उम्र तक इक्विटी में निवेश के दो और विकल्प मौजूद है। 35 साल की उम्र तक इक्विटी में 75 फीसदी या 25 फीसदी निवेश के विकल्प मिलते हैं।


इस स्कीम से मिलने वाला 40 फीसदी हिस्सा एन्युटी में जाता है। एन्युटी से रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी होती है। इस स्कीम से बाकी 60 फीसदी पैसा एकमुश्त मिलता है। स्कीम से निकाले गए 40 फीसदी पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता। एनपीएस में निवेश पर 50,000 रुपये की अतरिक्त टैक्स छूट मिलती है।


बता दें कि आईसीआईसीआई प्रु. पेंशन, आईडीएफसी पेंशन, कोटक महिंद्रा पेंशन, रिलायंस कैपिटल पेंशन, एसबीआई पेंशन फंड और यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशन ये सभी एनपीएस के फंड्स है।


गौरव मशरुवाला ने बताया कि एनपीएस में मार्केट से जुड़े रिटर्न मिलते है और यह निवेशकों को रिटायरमेंट में आर्थिक सुरक्षा देता है। एनपीएस खाता 65 की उम्र तक खोल सकते हैं और 70 साल की उम्र तक निवेश जारी रख सकते हैं। मैच्योरिटी से पहले कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं। एनपीएस में टैक्स पर बचत का प्रवाधान है। इतना ही नहीं एनआरआई भी एनपीएस खाता खुलवा सकते है। मैच्योरिटी पर 60 फीसदी रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी 40 फीसदी रकम के लिए एन्युटी प्लान चुनना होगा। खाताधारक को 7 पेंशन फंड के विकल्प मिलता है। पेमेंट चुनी हुई स्कीम के हिसाब से की जाएगी। आजीवन पेंशन पाने के लिए भी विकल्प है। एसेट क्लास चुनने की भी सुविधा है। एनपीएस में इक्विटी में 50 फीसदी एसेट एलोकेशन मुमकि है।


गौरव मशरुवाला ने आगे कहा कि इक्विटी, सरकारी और फिक्सड इनकम सिक्योरिटीज में निवेश की सुविधा मिलती है। मृत्यु के बाद पति या पत्नी पेंशन को मिलेगा।
दोनों की मृत्यु के बाद वारिस को सारी रकम दी जाएगी।