इंडियन बैंक का मुनाफा 11.5% बढ़ा

प्रकाशित Mon, 06, 2017 पर 12:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक का मुनाफा 11.5 फीसदी बढ़कर 451.5 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक का मुनाफा 405.1 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक की ब्याज आय 20.8 फीसदी बढ़कर 1543.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक की ब्याज आय 1278.2 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में इंडियन बैंक का ग्रॉस एनपीए 7.21 फीसदी से घटकर 6.67 फीसदी रहा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक का नेट एनपीए 4.05 फीसदी से घटकर 3.41 फीसदी रहा है।


रुपये में देखें तो तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में इंडियन बैंक का ग्रॉस एनपीए 9653 करोड़ रुपये से घटकर 9624 करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक का नेट एनपीए 5238.6 करोड़ रुपये से घटकर 4748.2 करोड़ रुपये हो गया है।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक की प्रोविजनिंग 715.5 करोड़ रुपये के मुकाबले 744.5 करोड़ रुपये रही है, जबकि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडियन बैंक ने 478.3 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी।


नतीजों पर बात करते हुए इंडियन बैंक के एमडी और सीईओ किशोर खरत ने कहा कि नए एनपीए जुड़ने की रफ्तार कम हुई है। एनसीएलटी में गए मामलों में इंडियन बैंक का ज्यादा एक्सपोजर नहीं है, बैंक का कुल एक्सपोजर 843 करोड़ रुपये है। बैंक के प्रोवीजनिंग पर दबाव नहीं है। ग्रोथ के लिए इंडियन बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है।


किशोर खरत ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 18 में ग्रॉस एनपीए 6 फीसदी से कम करने का प्रयास है, जिसको वित्त वर्ष 2018-19 में 5 फीसदी से कम करने का लक्ष्य है। किशोर खरत ने कहा कि बैंक के नेट एनपीए में भी सुधार हुआ है।