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पनाम पेपर्स के बाद अब पैराडाइज पेपर्स का धमाका

प्रकाशित Mon, 06, 2017 पर 15:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पनामा पेपर्स के बाद अब पैराडाइज पेपर्स का धमाका हुआ है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस टैक्स हैवेन देशों की कंपनियों से डील करने वालों का खुलासा किया है। पैराडाइज पेपर्स में कई भारतीय कंपनियों के नाम शामिल हैं। इनमें एयरसेल, जीएमआर ग्रुप, जिंदल स्टील, हैवेल्स, अपोलो टायर्स, हिंदुजा ग्रुप, एमार एमजीएफ, वीडियोकॉन, डी एस कंस्ट्रक्शन और हीरानंदानी जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं।


दरअसल जर्मनी के एक अखबार को बरमूडा ऐपलेबी और सिंगापुर एशियासिटी से एक करोड़ से ज्यादा दस्तावेज मिले थे। इन दस्तावेजों की जांच इंटरनेशनल कंसोर्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स यानी आईसीआईजे ने की है। बरमूडा ऐपलेबी टैक्स चोरी या टैक्स बचाने के लिए टैक्स हैवन देशों में कंपनियां बनाने, खाते मैनेज करने जैसी कई सेवाएं देती है।


आईसीआईजे ने सफाई दी है कि ऑफशोर कंपनियों, फाउंडेशन और ट्रस्ट्स का वैध इस्तेमाल होता है। हम ये नहीं कह रहे हैं कि जिन लोगों या कंपनियों का नाम इस लिस्ट में है उन्होंने कोई कोई कानून तोड़ा है या उन्होंने कोई गलत काम किया है।


इस बीच विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने पैराडाइज पेपर्स पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जो भी किया था वो सब नियमों के मुताबिक किया और कुछ भी गलत नहीं हुआ है।


वहीं बीजेपी सांसद आर के सिन्हा ने पेपर्स में अपना नाम आने पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उनसे जब प्रतिक्रिया लेने मीडिया पहुंची तो उन्होंने कहा कि वो अभी मौनव्रत में हैं।


इधर, पैराडाइज पेपर्स के आने के बाद कांग्रेस एक बार फिर मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने सवाल उठाए कि मोदी सरकार आखिर ब्लैकमनी छुपाने वालों के नामों का खुलासा क्यों नहीं करती है।